युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। रालोद के राष्ट्रीय महासचि त्रिलोक त्यागी ने रालोद प्रमुख चौधरी अजित सिंह के निधन पर गहना दुख प्रकट करते हुए उन्हें श्रद्घांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा है कि चौधरी अजित सिंह सज्जन, ईमानदार और स्पष्ट वक्ता थे। किसान और गांवों को लेकर वे हमेशा से ही संवेदनशील थे। किसानों और गांव का दुख दर्द उनके दिल में बसा करता था।
त्रिलोक त्यागी ने बताया कि वे जिसके साथ भी थे खुलेमन के साथ थे। राजनीतिक जीवन में जो भी बात चौधरी अजित सिंह ने कही गई उन्होंने उसपर सहमति की मुहर लगाई। एक प्रसंग सुनाते हुए त्रिलोक त्यागी ने बताया कि देश में नरसिंम्हा राव की सरकार चल रही थी। सरकार की मंशा उस समय किसानों पर इनकम टैक्स लगाने की थी। सरकार में रालोद के बीस सांसदों का समर्थन भी प्राप्त था। जब किसानों पर इनकम टैक्स लगाने की बात आई तो चौधरी अजित सिंह ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि ऐसा हुआ तो समर्थन वापस ले लिया जाएगा। रालोद के राष्ट्रीय महासचिव ने बताया कि यह चौधरी अजित सिंह की ही देन है कि आजतक किसानों पर इनकम टैक्स नहीं लगा। एक और प्रसंग बताते हुए त्रिलोक त्यागी ने बताया कि एक बार सरकार की यह मंशा जाहिर हुए कि गन्ने के रेट राज्य सरकारें तय नहीं करेंगी। गन्ने के दाम तय केंद्र सरकार तय करेगी। चौधरी अजित सिंह ने इसके विरोध में दिल्ली में लाखों किसान जमा कर दिए और सरकार के मंसूबों पर पानी फेर दिया। त्रिलोक त्यागी ने कहा कि चौधरी अजित सिंह का दिल किसानों और गांव के लिए धड़कता था। वे हमेशा गांव और किसान के लिए समर्पित रहते थे। उन्होंने गांव और किसान को साथ जोड़ा। किसानों और गांव के लिए वे सिर्फ कहते नहीं थे उसे धरातल पर करके दिखाते थे।