युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। कप्तान की लाख कोशिशों के बावजूद जनपद पुलिस में कुंडली मारकर बैठे भ्रष्ट एवं निकृष्ठ अधिकारी व पुलिसकर्मी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। जनपद पुलिस में भ्रष्टाचारकी जड़ें कितनी गहरी हो चुकी हैं इसका एक जीता जागता उदाहरण उस समय उजागर हो गया जब कौशांबी चौकी प्रभारी विनोद कुमार ने घर में आये मेहमानों की खातिर-तवाजी करने के लिये अपन चौकी क्षेत्र के एक रेस्टोरेंट के प्रबंधक को न केवल खाने की लंबी लिस्ट भेज दी बल्कि खाने के पैसे मांगने पर दरोगा जी ने यहां तक बोल दिया कि ‘उसे यह पता नहीं कि वह उसी क्षेत्र की चौकी का प्रभारी है जिस क्षेत्र में रेंस्टोरेंट स्थित है। इतना ही नहीं जब रेंस्टोरेंट के प्रबंधक के द्वारा कंशेसन करके खाने के पैसे देने की बात कहीं तो चौकी प्रभारी ने नाराजगी जताते हुए यहां तक बोल दिया कि वह अपने मेहमानों के लिये खाना मांग रहे हैं किसी गैर के लिये नहीं। चौकी प्रभारी ने यहां तक बोला कि खाने के पैसे तो नहीं मिलेंगे लेकिन वह रेंस्टोरेंट की गतिविधि को सरल बनाने में अपना सहयोग दे देंगे। पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाली इस घटना की ऑडियो क्लिम वायरल होने पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। इस मामले मेें जब एसपी सिटी द्वितीय ज्ञानेंद्र सिंह से पूछा गया तो उन्होंने अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि अभी तक ऐसी कोई जानकारी उन्हें नहीं मिली है। अगर ऐसा कोई मामला है तो वह उसकी जांच करवाकर दोषी पाये जाने वाले दरोगा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे। बता दें कि यह ऐसा पहला मामला नहीं है कि जब किसी चौकी प्रभारी अथवा दरोगा के द्वारा खाने जैसे खाद्य सामग्री के लिये अनैतिक कार्य किया हो। इससे पहले भी कविनगर थाना क्षेत्र की आरडीसी मेें एक चौकी प्रभारी के द्वारा रेस्टोरेंट से फ्री में खाने का मामला प्रकाश मे आया था।