विपिन चौधरी
गाजियाबाद (युग करवट)। पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर चौकी प्रभारियों एवं उपनिरीक्षकों के तबादले किये गये हैं। १३३ उपनिरीक्षकों में ५५ चौकी प्रभारी हैं। इस तबादला सूची में ऐसे चौकी प्रभारी भी हैं जिनको मात्र कुछ माह ही चौकी पर गए हुए थे। अपने क्षेत्र को वो पूरी तरह समझते इससे पहले ही उनके तबादले कर दिये गये। ऐसे लोगों के भी तबादले किये गये जो अंडर ट्रांसफर थे और आईजी रेंज ने २०२० में उनके तबादले कर दिये थे। उनको अपने जिले में भेजने के बदले अच्छी चोकियां दे दी गई हैं।
दरअसल इस तबादला सूची को लेकर पुलिस विभाग में चर्चा है कि पुलिस कप्तान पवन कुमार को किसी ने जरूर अंधेरे में रखा और ऐसी सूची तैयार करके जारी कर दी जिसको लेकर विभाग में चर्चाएं गरम हैं। पुलिस कप्तान पवन कुमार को अभी जिले में आए हुए कम ही समय हुआ है और इससे पहले वो व्यवस्था को समझते उससे पहले ही तबादला सूची जारी हो गई। कप्तान ने खुद कहा था कि वे पुलिसकर्मियों की वर्किंग का ऑब्जर्वेशन कर रहे हैं इसके बाद ही कार्रवाई होगी।
ईमानदार एसएसपी पवन कुमार को आखिरकार किसने अंधेरे में रखा और ऐसी तबादला सूची जारी हो गई जिसपर लोग चर्चा कर रहे हैं। काम करने वाले दरोगाओं को या तो हटा दिया गया या फिर उनकी चौकी बदल दी गई और जो लोग लंबे समय से चौकियों पर जमे हुए थे उन्हें फिर अच्छी चौकी दे दी गई। आखिरकार इस तबादला सूची का क्या क्राइट एरिया रखा गया है इसको लेकर भी चर्चा है। जिनको दो माह भी चौकी पर नहीं हुए, कोई शिकायत भी नहीं हुई उनको हटा दिया गया, या फिर किसी अन्य चौकियों पर भेज दिया गया।
इतना ही नहीं २०२० में उपनिरीक्षक तयेंद्र कुमार गोस्वामी, समय बहादुर सिंह, अरुण कुमार मिश्रा, राजेंद्र सिंह, राजकुमार कुशवाहा, शेषम सिंह, सुरेश, दिनेश कुमार शर्मा, संजीव कुमार तृतीय, अनिल कुमार यादव, रामनयन सिंह, उपदेश कुमार, कुलदीप सिंह का तबादला मेरठ किया गया था एवं मौ. इमाम जैदी का तबादला बुलंदशहर किया गया था। इन सबको भी रिलीव नहीं किया गया और चौकियां दे दी गईं। अब चर्चा है कि आखिरकार पुलिस कप्तान को इस बारे में जानकारी थी या नहीं थी या उनको अंधेरे में रखा गया और तबादला सूची जारी कर दी गई। बहरहाल तबादला सूची को लेकर पुलिस विभाग में चर्चाएं गरम हैं कि आखिरकार इस तबादला सूची को किसने तैयार किया।