युग करवट संवाददाता
लखनऊ। प्रदेश के चित्रकूट में उस समय हड़कंप मच गया, जब यहां जेल के अंदर दो गुटों के बीच ताबड़तोड़ फायरिंग हो गई। चित्रकूट जिला जेल के हाई सिक्योरिटी बैरक में कई राउंड गोलियां चली। इस गोलीकांड में तीन लोगों के मौत हो गई है। मौके पर जिले के तमाम आलाधिकारी पहुंच गए हैं और जांच चल रही है। उधर जेल में शूटआउट की खबर से लखनऊ तक हड़कंप मच गया है।
मिली जानकरी के अनुसार जेल में निरुद्ध अंशू दीक्षित नामक बंदी को कहीं से कट्टा मिल गया था। इसके बाद उसने यहां बंद मेराजुद्दीन उर्फ मेराज अली और मुकीम उर्फ काला पर गोली चला दी। हमले में दोनों की मौत हो गई। मुकीम काला पश्चिम यूपी का बड़ा बदमाश बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार मुकीम काला वही अपराधी है, जिसने एनआईए के अफसर तंजील अहमद को दिन दहाड़े मौत के घाट उतार दिया था। वहीं जवाबी कार्रवाई में अंशुल दीक्षित को पुलिस ने मार गिराया है। घटना की सूचना के बाद प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है। डीएम और एसपी मौके पर मौजूद हैं। पता चला है कि मारा गया मेराजुद्दीन बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी का करीबी था। 20 मार्च 2021 को वाराणसी जेल से चित्रकूट जेल उसका ट्रांसफर हुआ था। मुकीम काला 7 मई 2021 को चित्रकूट जेल आया था। वहीं अंशू दीक्षित 8 दिसंबर 2019 से चित्रकूट जेल में था. वारदात आज सुबह 10 बजे की है।
चित्रकूट जेल से प्राप्त सूचना के अनुसार जिला जेल चित्रकूट की उच्च सुरक्षा बैरक में निरुद्ध अंशु दीक्षित पुत्र जगदीश जिला जेल सुल्तानपुर से प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित होकर चित्रकूट में निरूद्ध था। उसने शुक्रवार सुबह लगभग 10 बजे सहारनपुर से प्रशासनिक आधार पर आए बंदी मुकीम काला और वाराणसी जिला जेल से प्रशासनिक आधार पर आए मेराज अली को असलहे से गोली मारकर हत्या कर दी। इस दौरान उसने 5 अन्य बंदियों को अपने कब्जे में कर लिया और उन्हें जान से मारने की धमकी देने लगा। उसके पास असलहा था। चित्रकूट के डीएम और एसपी मौके पर पहुंचे और बंदी को नियंत्रित करने का बहुत प्रयास किया. लेकिन वह 5 अन्य बंदियों को भी मार देने की धमकी देता रहा। पुलिस के अनुसार उसकी आक्रामकता तथा जिद को देखते हुए पुलिस द्वारा कोई विकल्प ना देखते हुए फायरिंग की गई, जिसमें अंशु दीक्षित भी मारा गया। कारागार में तलाशी कराई जा रही है। फिलहाल कारागार में शांति है तथा स्थिति नियंत्रण में है।