गाजियाबाद (युग करवट)। किसी भी कार्य की गुणवत्ता खुद बोलती है। यही कारण है कि यदि गुणवत्ता सही होती है तो लोग गुणगान करते हैं और खराब होने पर विभाग की कमियां गिनाई जाती हैं। पटेल नगर तृतीय में नगर निगम सवच्छता सर्वेक्षण अभियान के तहत लगा ‘सेल्फी झूला’ लगाए जाने के चंद दिनों तक भी नहीं टिक पाया। क्षेत्र के लोग अब इस झूले को लेकर नगर निगम के कार्यों की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। गौरतलब है कि नगर निगम शहर में पार्कों एवं अन्य स्थानों के सौंदर्यकरण का काम करता है। इसी क्रम में गत दिनों शहर में नगर निगम की ओर से स्व्च्छ सर्वेक्षण अभियान के तहत झूले लगाए गए थे। निगम ने इन्हें सैल्फी झूला नाम दिया था। एक झूला पटेल नगर तृतीय में भी नगर निगम की ओर से लगाया गया था। क्षेत्र के बच्चों ने चंद दिनों तक झूले का आनंद लिया, उसके बाद झूले की एक तरफ से जंजीर टूट गई। लगभग एक सप्ताह से अधिक समय से यह झूला अधर में लटका हुआ है। मजे की बात यह है कि झूले को ठीक कराने के लिए अभी तक भी निगम के अधिकारियों ने सुध नहीं ली है।