पटना। बिहार के लालू प्रसाद यादव पिछले बीस साल से फरार चल रहे हैं। ग्वालियर पुलिस उन्हें साल 2003 से ढूंढ रही है। हथियार सौदे मामले में बिहार के लालू प्रसाद यादव पर केस दर्ज है, लेकिन वह पुलिस को नहीं मिल रहे हैं। कोर्ट ने उन्हें फरार भी घोषित कर दिया है। छह जनवरी को विशेष न्यायालय में यह मामला गवाही के लिए लिस्टेड था। इस दौरान भी लालू यादव नदारद रहे। बता दें कि उत्तर प्रदेश के महोबा स्थित आम्र्स स्टोर के संचालक राजकुमार शर्मा ने हथियार बिक्री का फर्जीवाड़ा किया था। ग्वालियर निवासी व प्रकाश आम्र्स स्टोर के संचालक प्रवेश कुमार चतुर्वेदी ने 1997 में इंदरगंज थाने में शिकायत की। उसने बताया कि राजकुमार शर्मा ने ग्वालियर फर्म से हथियार व कारतूस खरीदे और उन्हें बिहार में बेच दिया। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया। कोर्ट में चालान पेश किया गया। इस केस में 22 आरोपित हैं। लालू प्रसाद यादव का भी केस में नाम शामिल है। लालू यादव सहित 14 आरोपितों को पुलिस नहीं पकड़ सकी। इसके पीछे की दलील यह दी जा रही है कि लालू प्रसाद यादव कौन है, यह स्पष्ट नहीं है। ज्ञात है कि लालू प्रसाद यादव का नाम ट्रायल के दौरान गवाही में सामने आया था, जिसके चलते उन्हें आरोपित बनाया गया था। वर्तमान में विचारण के दौरान छह आरोपित ही उपस्थित हो रहे हैं। यहां असमंजस इस बात को लेकर है कि जिस लालू प्रसाद यादव को पुलिस तलाश रही है, उसके नाम के आगे न तो पूर्व मुख्यमंत्री और न ही पूर्व रेलमंत्री लिखा है।