युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। ग्रीन बैल्ट को लेकर अब जीडीए और निगम के बीच जंग तेज हो गई है। निगम पर आरोप है कि जिस ग्रीन बैल्ट को जीडीए ने विकसित किया था उसे नर्सरी के लिए निगम ने आवंटित कर दिया। इस मामले में जीडीए ने एक पत्र उद्यान विभाग को लिखकर इस पर एतराज जताया है। वहीं दूसरी और मेयर आशा शर्मा ने जीडीए से कहा कि वह पहले नगर निगम की वसुंधरा और वैशाली में दी गई ग्रीन बैल्ट को खाली करे।
ग्रीन बैल्ट को लेकर विवाद चल रहा है। जीडीए का आरोप है कि उसने ही एएलटी और राजनगर के सामने रेलवे लाइन के किनारे वाली ग्रीन बैल्ट को विकसित की थी। इस ग्रीन बैल्ट को विकसित करने में जीडीए ने कई करोड़ रुपया खर्च किया। आरोप है कि इस ग्रीन बैल्ट को अब नगर निगम ने नर्सरी के लिए आवंटित कर दिया। विवाद तब बढ़ा जब जीडीए ने एएलटी ग्रीन बैल्ट में चल रही एक शक्ति नामक नर्सरी को तोड़ दिया। जीडीए ने इस मामले में उद्यान विभाग को एक पत्र लिखा। जिसमें उन्होंने कहा कि उनके द्वारा विकसित की ग्रीन बैल्ट को नगर निगम नर्सरी के लिए आवंटित नहीं कर सकता है। इस मामले में अब मेयर आशा शर्मा ने पलटवार किया। उन्होंने जीडीए पर आरोप लगाया कि वसुंधरा और वैशाली की जिस ग्रीन बैल्ट पर नगर निगम का स्वामित्व है उसको जीडीए ने नर्सरी के लिए आवंटित कर दिया। उन्होंने जीडीए को निगम की ग्रीन बेल्ट खाली करने को कहा।