रोहित शर्मा
गाजियाबाद। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट की दावेदारी कर रहे नेताओं के लिए आज का दिन अहम है। आज कांग्रेस के दावेदार पार्टी के टिकट की पहली दहलीज को पार कर जाएंगे। कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य एवं सांसद दीपेंद्र हुड्डा और महाराष्ट्र सरकार की मंत्री वर्षा काइकवाड आज कांग्रेस के टिकट के लिए दावा पेश कर रहे नेताओं की क्लास लेंगी। अहम बात यह है कि इस दौरान जहां कांग्रेस के दावेदारों को उनकी लोकप्रियता और पार्टी के प्रति निष्ठा और कर्मठता के तराजू में तोला जाएगा वहीं दूसरी ओर मुरादाबाद में हुई प्रियंका गांधी की रैली में दिखाई गई परफॉरमेंस भी टिकट का आधार बनेगी। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी की मुरादाबाद रैली में पश्चिमी यूपी की 44 विधानसभाओं के दावेदारों ने कितनी ताकत दिखाई, इस बात को भी स्क्रीनिंग कमेटी में परखा जाएगा। सूत्रों के अनुसार मुरादाबाद में हुई प्रियंका गांधी की रैली में हर जनपद के विधानसभा क्षेत्रों से आई दावेदारों की बसों और उनके द्वारा लाए गए कार्यकर्ताओं की बाकायदा वीडियो रिकॉर्डिंग इसी मकसद को पूरा करने के लिए कराई गई थी।
कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्यों के साथ बागपत, बुलंदशहर, गौतमबुद्घनगर, गाजियाबाद, मेरठ, हापुड़, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर एवं शामली जनपदों की 44 विधानसभा सीटों के दावेदारों की यह बैठक मेरठ के ग्रीन लीफ रिजॉर्ट में रखी गई है। बैठक में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू भी मौजूद रहेंगे। साथ ही सभी जनपदों के जिला एवं महानगर अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी उपाध्यक्ष, महासचिव एवं प्रदेश सचिवों को भी बैठक में बुलाया गया है। अब पिछले घटनाक्रम पर गौर किया जाए तो 2 दिसंबर को मुरादाबाद जनपद में प्रियंका गांधी की रैली से ठीक एक दिन पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू का गाजियाबाद आगमन और रैली के ठीक दो दिन बाद 4 दिसंबर को स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक इत्तेफाक नहीं है। प्रियंका गांधी की मुरादाबाद रैली को ध्यान में रखते हुए पार्टी की ओर से यह रणनीति तैयार की गई है। प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने प्रियंका गांधी की रैली से ठीक एक दिन पूर्व गाजियाबाद आकर सभी दावेदारों से बंद कमरे में बातचीत की थी। प्रियंका गांधी की रैली में बाकायदा हर दावेदार की परफॉरमेंस पर नजर रखी जा रही थी। इसके लिए प्रियंका गांधी की एक स्पेशल टीम खास काम में जुटी हुई थी। हर जनपद की विधानसभा से आई बसों की बाकायदा वीडियो बनाई गई थी। बसों में दावेदारों के साथ कितने कार्यकर्ता रैली में पहुंचे, इसकी गिनती की गई थी। यानि प्रियंका गांधी की रैली में इस बात की पूरी तैयारी की गई थी कि दावेदारों की जमीनी ताकत को रैली में ही परख लिया जाए। पार्टी के सूत्र बता रहे हैं कि प्रियंका गांधी की रैली में मौजूद स्पेशल टीम ने अपनी रिपोर्ट कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी को दी है। बताया जा रहा है कि स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य हर दावेदार से की गई बातचीत में रैली की परफॉरमेंस को आधार बनाएंगे। इतना ही नहीं, दावेदारों ने रैली से एक दिन पूर्व बंद कमरे में प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू से जो वायदे किए थे, उसे वे किस तरह से अमलीजामा पहनाएं, स्क्रीनिंग कमेटी में इसे भी परखा जाएगा। यानि साफ है कि जिन दावेदारों ने प्रियंका गांधी की रैली को हल्के में लिया, उनका बोरिया बिस्तर बंध सकता है। स्क्रीनिंग कमेटी की पहली बैठक के बाद ही रैली की परफॉरमेंस के आधार पर टिकट के ऐसे दावेदार रेस से बाहर हो सकते हैं।