गाजियाबाद (युग करवट)। सुन्नी मुहम्मदी जामा मस्जिद कैला रोड लालटेन फैक्ट्री पर ग्यारवीं शरीफ मनाई गई। सूफी संत अब्दुल कादिर जिलानी (गौस ए आजम) ग्यारहवीं शरीफ पर लंगर का इंतजाम किया करते थे जिसमें जरूरतमंद लोग खाना खाने आया करते थे। इसी के तहत आज भी इस तरह लंगर का आयोजन किया जाता है। ग्यारवीं शरीफ पर लालटेन फैक्ट्री पर हलवे का वितरण किया गया। बताते हैं कि गौस ए आजम का एक किस्सा बेहद मशहूर है, जिसे किताबों में सच्चा बालक के नाम से पढ़ाया जाता रहा है। जिसमें एक बच्चा डाकूओं से बिना डरे अपने पास रखी अशर्फियों का राज बता देता है, डाकू उसकी सच्चाई से प्रेरित होकर डाका डालने का काम छोड़ देते हैं। इस अवसर पर कमेटी के सदर नफीस अहमद सैफी, हसीब सैफी पुत्र स्व.शकील सैफी, उस्मान सैफी, जाहिद, जुनैद, अधिवक्ता सलमान सैफी मौजूद रहे।