युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। लखनऊ के गोमत रिवर फं्रट घोटाले को लेकर सीबीआई ने आज गाजियाबाद समेत प्रदेश के 13 स्थानों पर छापा मारा। छापे के दौरान सीबीआई की टीमों ने अलग-अलग जगहों से कागजात और कंप्यूटर हार्डडिस्क जब्त किए।
सीबीआई की एंटी करप्शन की कई टीमों ने सोमवार को एक साथ राजधानी लखनऊ के अलावा गाजियाबाद, बरेली, गौतमबुद्धनगर, सीतापुर, बुलंदशहर, आगरा, रायबरेली, इटावा, तथा पश्चिम बंगाल और राजस्थान के कई जिलों में छापा मारा है।
गाजियाबाद के कौशांबी इलाके में स्थित शिवालिक अपार्टमेंट के एक फ्लैट पर भी छापा मारा गया है। अखिलेश यादव की सरकार के कार्यकाल के दौरान लखनऊ में गोमती रिवर फ्रंट बनाने में करीब 1800 करोड़ रुपए के घोटाले की जांच सीबीआई कर रही है।
सीबीआई ने इस घोटाले में आरंभिक जांच के बाद तत्कालीन अधीक्षण अभियंता रूप सिंह यादव, शिवमंगल यादव, चीफ इंजीनियर काजिम अली, असिस्टेंट इंजीनियर सुशील कुमार यादव समेत 190 लोगों के विरुद्ध नया केस दर्ज किया है। केस दर्ज करने के बाद सीबीआई ने कई टीमों ने प्रदेश के 13 जिलों के साथ राजस्थान के अलवर और पश्चिम बंगाल के कोलकाता में 42 स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। सोमवार तड़के शुरू हुआ अभियान जारी है।
रूप सिंह यादव के कौशांबी स्थित शिवालिक अपार्टमेंट के फ्लैट को भी खंगाला गया है। यहां से सीबीआई ने कई दस्तावेज बरामद किए हैं।
अखिलेश यादव सरकार ने गोमती रिवर फ्रंट के लिए 1513 करोड़ मंजूर किए थे। इसमें 1437 करोड़ रुपये जारी होने के बाद भी मात्र 60 फीसदी काम ही हुआ। इस दौरान रिवर फ्रंट का काम करने वाली संस्थाओं ने 95 फीसदी बजट खर्च करके भी पूरा काम नहीं किया था।
इंजीनियरों पर दागी कंपनियों को काम देने, विदेशों से महंगा सामान खरीदने, चैनलाइजेशन के कार्य में घोटाला करने, नेताओं और अधिकारियों के विदेश दौरे में फिजूलखर्ची करने के आरोप लगे थे।