युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। तेज तर्रार व ईमानदार आईपीएस अधिकारियों की श्रेंणी में शुमार रखने वाले पवन कुमार ने जब गाजियाबाद पुलिस के मुखिया का चार्ज संभाला था तो उनके कड़क तेवर और जनहित की प्राथमिकता को देखकर कई मठाधीश थाना प्रभारी निरीक्षकों व चौैकी प्रभारियों को अपनी कुर्सी पूरी तरह से हिलती हुई दिखाई देने लगी थी। लेकिन जब कई दिनों बाद तक भी कप्तान ने किसी भी थाने व चौकी की कुर्सी के साथ छेड़छाड़ नहीं की तो उन कुर्सियों पर विराजमान पुलिस अधिकारियों ने यह सोच लिया कि अरे ये साहब कुछ नहीं करेंगे। उनकी यह सोच जैसे ही उनके ऊपर हावी हुई तो उनमें से अधिकांश एसएचओ व चौकी प्रभारियों पुलिसिंग का अपना मूल धर्म ना निभाकर एक बार फिर से पुरानी राह पर चलना शुरू कर दिया। लेकिन अब हम जो बात बताने जा रहे हैं उसे पढ़कर ऐसे निकृष्टï एवं भ्रष्टï पुलिस अफसरों की हालत पतली अवश्य हो जायेगी।
जी हां जो एसएचओ व चौकी प्रभारी यह सोकर अपनी मनमानी करने लगे हैं कि अब उनकी कुर्सी कहीं नहीं जाने वाली है तो हमारे सूत्रों का यह कहना है कि एसएसपी पवन कुमार ने जिले में आमद करते ही अधिकारियों से लेकर दीवान/आरक्षी तक की कुंडलियां खंगलवानी शुरू कर दी थी। साथ ही चार्ज लेते ही थाने की स्थिति का आकलन एवं अवलोकन करने के लिये उन्होंने जहां थानों का ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण किया वहीं उन थानों के प्रभारी निरीक्षकों की कार्यशैली का परिक्षण भी किया। इसके अलावा भी कप्तान ने कई और तरीकों से थाना प्रभारी निरीक्षकों से लेकर चौकी प्रभारियों की अप्रत्यक्ष परीक्षा का सिलसिला जारी रखा। सूत्रों की माने कप्तान के द्वारा पुलिस की छवि को सुधारने के लिये किया जा रहा आब्जर्वेशन अंतिम मोड़ तक पहुंच चुका है। या यूं कहें कि कौन थानेदार अथवा चौकी प्रभारी कप्तान की इस परीक्षा में पास हुआ या फिर होगा इसकी भी उल्टी गिनती शुरू हो गई है।
८ एसएचओ और ३३ चौकी प्रभारी हो सकते हैं फेल
जनपद पुलिस को जनमानस के प्रति संवेदनशील, पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने के साथ-साथ त्वरित बल बनाने की कड़ी में कप्तान पवन कुमार के द्वारा गोपनीय तरीके से ली जा रही थाना प्रभारी निरीक्षकों व चौकी प्रभारियों की परीक्षा का परिणाम के आने में बस कुछ समय ही बचा है। सूत्रों की माने तो एसएसपी के द्वारा अपने तरीके से ली जा रही परीक्षा में जहां आधा दर्जन से अधिक थानों के एसएचओ व लगभग तीन दर्जन चौकी प्रभारियों की कुसी खिसकने के आसार नजर आ रहे हैं वहीं उनकी परीक्षा मेें दर्जनों पुलिसकर्मी भी फेल होते दिखाई दे रहे हैं। सूत्रों की बात सच निकली तो वह समय दूर नहीं जब जनपद पुलिस महकमें में एक बड़ा बदलाव होगा और कई मठाधीश कोतवाल व दरोगा धराशाही होते दिखाई देंगे।