माता-पिता ने जीवन दिया है और गुरु ने जीवन का सार बताया है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मैं अपने के चरणों में अपना शीश नवाता हूँ। अपने गुरु के आशीर्वाद के लिए उनका पूजन करता हूँ। बिना गुरु के किसी भी व्यक्ति के जीवन में ना प्रकाश हो सकता है ना सफलता मिल सकती है। गुरु के बिना सफल जीवन की कामना भी नहीं की जा सकती है। सामान्य जीवन में सीख देने वाले, शिक्षा देने वाले सभी गुरुओ को नमन करता हूं। नीरज सिंह, चेयरमेन, यूथ चैप्टर फिक्की यूपी