युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। सिखों के पांचवे गुरु गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस पर बजरिया गुरुद्वारा श्री गुरुसिंह सभा और दशमेश वाटिका में छबील और लंगर का आयोजन किया गया। महापौर आशा शर्मा ने अर्थला स्थित दशमेश वाटिका में आयोजित छबील में राह चलते लोगों को मीठा पानी परोसा। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पांचवें गुरु अर्जुन देव जी धर्म की रक्षा के लिए शहादत दी थी। उन्होंने गोल्डन टेंपल की स्थापना की थी। समाज में भाईचारे को बढ़ाने के उददेश्य से उनके सिद्घांत आज भी प्रासंगिक है। बजरिया गुरुद्वारे के प्रधान इंद्रजीत सिंह टीटू ने कहा गुरु अर्जुन देव जी ने ही गुरुग्रंथ साहिब जी की रचना की थी, जिसमें 5 गुरुओं की वाणी दर्ज है। इसके साथ और धर्मों के सूफी संतों, पीर पैगंबरों की वाणी भी दर्ज है। जिस ग्रंथ को हम आज हाजिर गुरु मानते हैं 1604 में गुरु ग्रंथ साहिब जी का पहला प्रकाश किया गया था। इस मौके पर कई अन्य लोग भी उपस्थित थे।