युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। गालंद में प्रस्तावित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट की जमीन की बाउंड्री का कार्य पूरी तरह से अटक सकता है। सूत्रों का दावा है कि निगम ने भी लगता है कि अपनी करीब 44.5 एकड़ जमीन की बाउंड्री करने का इरादा छोड़ दिया है। अब कई दिनों से मसूरी फ्लाई ओवर के नीचे चल रहे आसपास के किसानों का आंदोलन भी समाप्त हो गया है। हापुड़ पुलिस और जिला प्रशासन ने किसानों से बात कर आंदोलन को समाप्त कराया है। हालांकि निगम के प्रॉपर्टी विभाग के प्रभारी अधिकारी आरएन पांडेय ने इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। सू्रत्रों का दावा है कि जल्दी ही विधान सभा चुनाव होने जा रहे है। इससे पहले प्रशासन पर दबाव है कि ऐसे कदम नहीं उठाए जाए , जिससे भाजपा सरकार को चुनाव में कोई नुकसान हो।
इसी के चलते नगर निगम ने अब गालंद में फिलहाल अपनी जमीन पर दीवार बनाने का कार्य बंद कर दिया। हाल ही में निगम ने अपनी जमीन पर दीवार बनाने का कार्य शुुरू किया था। इसको लेकर गालंद और आसपास के कई गांवों के लोग विरोध कर रहे थे। गांवों के लोगों ने गालंद डंपिंग ग्राउंड विरोधी मोर्चा भी बनाया था। इसी के बैनर तले मसूरी में अनिश्चित कालीन धरना शुरू किया गया था।
करीब 20 दिन पहले जैसे ही निगम ने बाउंड्री बनाने का कार्य शुरू किया, तो लोगों ने इसका विरोध किया। विवाद के चलते लोगों ने निगम द्वारा की गई दीवार भी तोड़ दी। तब से ही गाजियाबाद नगर निगम और आसपास के किसानों के बीच तनाव पैदा हो गया था। बाद में मसूरी में पहले महापंचायत और बाद में धरना शुरू कर दिया। यह धरना पिछले करीब एक महीने से चल रहा था। मोर्चा के अध्यक्ष आशु तोमर ने बताया कि हापुड़ पुलिस प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि निगम दीवार बनाने का कार्य शुुरू नहीं करेगा। इसी आश्वासन के बाद चला आ रहा अनिश्चितकालीन धरना समाप्त कर दिया।