युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। पिछले एक साल से दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर जमे किसानों का घर जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। टिकरी और सिंघु बार्डर के साथ अब गाजीपुर बार्डर से भी किसानों की रवानगी शुरू हो गई है। आज सुबह 8.30 बजे किसान नेता राकेश टिकैत ने किसानों के पहले जत्थे को बिजनौर के लिए रवाना किया। राकेश टिकैत ने शनिवार को बताया कि आज से किसान अपने-अपने घर जा रहे हैं, लेकिन हम 15 दिसंबर को घर जाएंगे क्योंकि देश में हजारों धरने चल रहे हैं, हम पहले उन्हें समाप्त करवाएंगे और उन्हें घर वापस भेजेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों का एक बड़ा समूह रविवार सुबह 8 बजे क्षेत्र खाली कर देगा। आज की बैठक में हम बात करेंगे, प्रार्थना करेंगे और उन लोगों से मिलेंगे जिन्होंने हमारी मदद की। लोगों ने प्रदर्शन स्थल खाली करने भी शुरू कर दिए हैं, इसमें 4-5 दिन लगेंगे। मैं 15 दिसंबर को निकलूंगा।
गौरतलब है कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के हजारों किसान पिछले साल 26 नवंबर से राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। किसानों की मुख्य मांगों में से एक कानूनों को निरस्त करने के लिए 29 नवंबर को संसद में एक विधेयक पारित किया गया था। हालांकि, किसानों ने यह मांग करते हुए अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त करने से इनकार कर दिया था कि सरकार उनकी अन्य मांगों को पूरा करे जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी गारंटी और किसानों के खिलाफ मामलों को वापस लेना शामिल है। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने गुरुवार को आंदोलन स्थगित करने का फैसला किया। आज से दिल्ली की सीमाओं पर विरोध स्थलों से घर लौटना शुरू कर दिया।