युुग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। गाजीपुर बार्डर पर आज सुबह करीब साढे दस बजे उस समय हंगामा मच गया जब भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश मंत्री अमित वाल्मीकि के काफिले को किसानों ने काले झंडे दिखाए। किसानों ने भाजपा नेता के काफिले का गाजीपुर बार्डर पर जमकर विरोध किया। इस दौरान भाजपा नेताओं और किसानों के बीच जमकर झड़प हुई तो वहीं पुलिस के साथ भी झड़प की खबरें सामने आई हैं। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि किसानों ने प्रदेश मंत्री अमित वाल्मीकि के काफिले पर हमला किया और उनकी गाडिय़ां तोड़ दी। भाजपा नेताओं का आरोप है कि किसानों ने लाठी, डंडों व अन्य हथियारों से उनके काफिले पर हमला किया। जिससे भाजपा नेताओं की जान पर बन आई। किसी तरह भाजपा नेता वहां से निकल सके। वहीं इस पूरे मामले को किसान नेताओं ने भाजपा की साजिश करार दिया।
पिछले सात महीने से गाजीपुर बार्डर पर किसानों का आंदोलन तीनों कृषि कानूनों के विरोध में चल रहा है। किसान लगातार आंदोलन के तहत भाजपा नेताओं का विरोध कर रहे हैं। आज सुबह दिल्ली से यूपी जा रहे अमित वाल्मीकि के काफिला गाजीपुर बार्डर से निकलना था। जिसके स्वागत के लिए भाजपा संजीव शर्मा के नेतृत्व में बडी संख्या में भाजपा नेता और वाल्मीकि समाज के आंदोलन स्थल के पास ढोल और फूल मालाएं लेकर खडे हुए थे जिसमें महिला कार्यकर्ता भी शामिल थी। भाजपा नेताओ का आरोप है कि जैसे ही प्रदेश मंत्री का काफिला वहां पहुंचा किसानों ने विरोध प्रदर्शन के साथ ही उनकी गाडिय़ों पर हमला कर दिया। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि किसानों ने उनके साथ न सिर्फ गालीगलौच की बल्कि तोडफ़ोड़ की और महिला कार्यकर्ताओं को भी नहीं छोड़ा जिसमें कई कार्यकर्ता भी घायल हुए हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से अपने मंत्री के स्वागत के लिए खड़े हुए थे। उसी दौरान किसान नेता राकेश टिकैत के किसानों ने हथियारों से उन पर हमला कर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर डीएम आरके सिंह, डीआईजी अमित पाठक सहित कई आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। डीएम आरके सिंह ने इस मामले में दोनों पक्षों से बात की है और कहा है कि मामले की जांच की जा रही है, जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। दोनों पक्षों के आरोपों की जांच पुलिस और प्रशासन के अधिकारी संयुक्त रूप से करेंगे। वहीं इस पूरे मामले पर
गाजीपुर आंदोलन कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि भाजपा नेता किसान आंदोलन को हटाने की साजिश कर रहे हैं जिसे किसी भी कीमत पर कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि किसानों के मंच के पास आकर भाजपा नेता ढोल बजा रहे थे और नारेबाजी कर रहे थे। इसका विरोध किया और वहां मौजूद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी से भाजपा नेताओं को हटाने के लिए कहा गया लेकिन इसके बाद भी लगातार भाजपा नेता किसानों को उकसाने का काम करते रहे। किसानों ने सिर्फ काले झंडे दिखाए हैं। बाकी जो आरोप मारपीट के लगाए गए हैं वह पूरी तरह से निराधार हैं। उल्टे किसानों के साथ भाजपा नेताओं ने अभ्रदता की है। जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि जिस तरह की साजिश आंदोलन को हटाने के लिए भाजपा ने की है उसकी निंदा करते हैं व साथ ही भाजपा नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। अगर भाजपा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो फिर आंदोलन की अगली रणनीति बनाई जाएगी। जगतार सिंह ने कहा कि आंदोलन पूर्व की तरह चलता रहेगा।