युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को देखते हुए योगी सरकार ने गाजियाबाद को कमिश्नरेट व्यवस्था के तहत लाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश के गृह विभाग की ओर से केंद्रीय गृह विभाग को इस संबंध में एक रिपोर्ट भेजी गई है, जिसमें गाजियाबाद समेत चार जिलों को कमिश्नरेट व्यवस्था के तहत लाने के बारे में बताया गया।
दरअसल, दोबारा सत्ता में आने के बाद जिस तरह गाजियाबाद समेत कुछ जिलों में क्राइम की घटनाओं में तेजी आई है, उसे देखकर प्रदेश सरकार ने चार महत्वपूर्ण जिलों को कमिश्नरेट व्यवस्था के तहत लाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, कानून व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार सख्त कदम उठाने से भी नहीं हिचक रही है। मुख्यमंत्री ने अफसरों को साफ निर्देश दिए हैं कि कानून व्यवस्था को लेकर कोई लापरवाही न बरती जाए।
जानकारी के मुताबिक गाजियाबाद, मेरठ, आगरा और प्रयागराज में जल्द ही पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने इसकी रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी है। इस सिलसिले में पिछले दिनों एक बैठक हुई थी। इस बैठक में बेहतर पुलिसिंग के लिए कुछ जिलों में कमिश्नरेट सिस्टम लागू करने पर चर्चा हुई। पहले चरण में जिन जिलों में कमिश्नरेट सिस्टम लागू किया जाएगा, उसमें मेरठ और गाजियाबाद का नाम शामिल है। दूसरे चरण में आगरा और प्रयागराज में भी इसे लागू किया जाएगा। इसके लिए गृह विभाग में भी तैयारियां शुरू हो गई है।
उत्तर प्रदेश के चार शहरों- लखनऊ, नोएडा, कानपुर और वाराणसी में पहले से ही कमिश्नरेट प्रणाली लागू है। पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने से पुलिस कमिश्नर के अधिकारों में वृद्धि हो जाती है, जिससे कई मामलों में पुलिस को डीएम से इजाजत नहीं लेनी पड़ती है। इस व्यवस्था से अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलती है।