गाजियाबाद (युग करवट)। लोकसभा चुनाव २०२४ जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है वैसे-वैसे राजनीतिक गतिविधियां भी बढऩे लगी हैं। तैयारियों की बात की जाये तो भाजपा ने अपनी पूरी तैयारी कर ली है। लोकसभा उम्मीदवारों को लेकर भी मंथन शुरू हो गया है। जहां पिछली हारी हुई सीटों को लेकर मंथन हो रहा है तो वहीं वीआईपी सीटों पर चर्चा शुरू हो गई है। अगर गाजियाबाद की बात की जाये तो इस सीट पर वर्तमान में सांसद वीके सिंह दो बार से लगातार जीत का परचम लहराते आ रहे हैं। २०१४ में जब वो पहली बार राजनीति में आये और गाजियाबाद से चुनाव लडऩे की चर्चा हुई तब भी उन्हें यहां नेताओं ने बहुत डराने का प्रयास किया। उनसे कहा गया कि ये आम आदमी पार्टी का क्षेत्र है, यहां से ना लड़े। लेकिन जनरल नहीं माने और फिर मैदान में उतरे। २०१९ में भी बकायदा पांच जनप्रतिनिधियों ने दिल्ली जाकर जनरल वीके सिंह का विरोध किया। लेकिन तब भी विरोध सफल नहीं हुआ। अब भी कुछ इसी तरह का माहौल बनाया जा रहा है। लेकिन कार्यकर्ताओं के मन में और जनता में वीके सिंह ही पहली पसंद हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊपर छह सीटों फाइनल करने का जिम्मा है उसमें गाजियाबाद भी है। इसको लेकर कुछ लोगों का कहना है कि तस्वीर कुछ भी हो सकती है लेकिन कल एक कार्यक्रम में वीके सिंह परिवार की ओर से युग करवट से बातचीत करते हुए दावे से कहा गया कि अब टाइगर आ गया है। २०१९ में भी कहा गया था कि अब जनरल आ गया है और कल बड़ी बेबाकी और दावे के साथ कहा गया कि टाइगर आ गया है। इसलिए उम्मीद है कि इस बार भी भाजपा हाईकमान जनरल वीके सिंह पर ही भरोसा कर सकती है।