– शोभा भारती –
गाजियाबाद (युग करवट)। एक ओर जहां सरकार जिले में निवेश करने के लिए नई-नई इंडस्ट्रीज को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है। वहीं दूसरी ओर जिले में नई इंडस्ट्री लगाने के लिए जमीन तक भी उपलब्ध नहीं है, जिसकी वजह से एक हजार करोड़ रुपए का निवेश जिले में नहीं हो पा रहा है। अगर यह निवेश जिले में हो तो यहां सैंकड़ों युवाओं को रोजगार मिल सकता है।
जिले में छोटी-बड़ी मिलाकर करीब तीस हजार इंडस्ट्रीज हैं, लेकिन इनमें ज्यादादर बंदी की कगार पर हैं। जिसके कारण काफी संख्या में लोग बेरोजगार हो गए हैं। बता दें कि दो बड़ी और लगभग सौ छोटी इंडस्ट्रीज जिले में बंद हो चुकी हैं। ऐसे में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए उद्यमियों को निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, लेकिन जिले में जमीन उपलब्ध न होने की वजह से नई इंडस्ट्रीज लग ही नहीं पा रही हैं। एक टेक्सटाइल कम्पनी का डेलीगेशन गाजियाबाद में निवेश करने के लिए आया भी था जिसे अपनी यूनिट लगाने के लिए ५०० एकड़ जमीन चाहिए थी, मगर जिले में बड़ा भूखंड जिला उद्योग व उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र के पास उपलब्ध नहीं है। ऐसा ही एक कम्पनी टैक्सटाइल पार्क जिले में विकसित करना चाहती थी जिससे यहां रोजगार के अवसर बढ़ सकें, लेकिन जमीन की उपलब्धता न होने की वजह से जिले में नए कम्पनियां निवेश ही नहीं कर पा रही हैं। इसके अलावा वॉटर सप्लाई, पीएनजी, प्रदूषण के चलते ग्रेप सिस्टम लागू होने के कारण भी नई इंडस्ट्रीज लगने में दिक्कतें आ रही हैं। ऐसी करीब ८० ने आवेदन किया हुआ है जो करीब एक हजार करोड़ का निवेश करना चाहती हैं, मगर स्थिति जस की तस बनी हुई है। जिला उद्योग व उद्यम प्रोत्साहन संयुक्त आयुक्त बीरेन्द्र सिंह ने बताया कि इन कम्पनी के लगने से जिले में इंडस्ट्री हब को और अधिक बढ़ावा मिलेगा। नए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे, लेकिन जमीन की कमी इसमें रूकावट पैदा कर रही है। हालांकि प्रयास किया जा रहा है कि एक साथ बड़े प्लांट के बजाए छोटे-छोटे प्लांट उपलब्ध कराए जाएं, जिससे नई यूनिट लग सकें। मगर उद्यमी बड़े पैमाने पर यहां इंडस्ट्री लगाना चाहते हैं।
घनी आबादी के कारण नहीं है जमीन: राकेश झा
यूपीसीडा के आरएम राकेश झा ने बताया कि गाजियाबाद जिले में घनी आबादी होने के कारण नई बड़ी इंड्स्ट्री के लिए जमीन उपल्बध नहीं है। इसके अलावा उद्यमी जिस सर्किल रेट पर जिले में जमीन चाहते हैं उसपर उन्हें जमीन नहीं दी जा सकती। यही वजह है कि जिले में बड़ी इंड्स्ट्रीज नहीं लग पा रही।