‘ऑलवेज़ विद यू’ अभियान से कोविड परिवारों को दी जाएगी मदद
युग करवट संवादाता
गाजियाबाद। डीएम अजय शंकर पांडेय हमेशा अपनी अनूठी पहल के लिए जाने जाते हैं। आम जनता की शिकायतों के तत्काल निस्तारण से लेकर भ्रष्टïाचार पर लगाम लगाने तक, हमेशा आमजन के हित के बारे में सोचते हैं। एक बार फिर अपने क्रिएंिटव आइडिया और जनसेवा करने के लिए कोरोना संकट के दौर से गुजर रहे परिवारों के लिए डीएम अजय शंकर पांडेय उम्मीद की एक किरण बनकर आगे आए हैं। यह एक तरह की अनूठी पहल है जब प्रशासनिक अधिकारी कोविड संक्रमण से घर के मुखिया के गुजर जाने पर उस परिवार की आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाने के लिए खुद उनके पास जाएंगे।
डीएम अजय शंकर पांडेय ने इस मुहिम को ‘ऑलवेज़ विद यूÓ नाम दिया है। इस पहल के नाम में ही एक संदेश छिपा है कि स्थितियां कैसी भी हों, वह हर उस संकटग्रस्त परिवार के साथ खड़े हैं जो समस्याओं से जूझ रहा है। वर्तमान में कोरोना संकट के चलते सैकड़ों परिवार उजड़ गए हैं। ऐसे परिवारों की संख्या अधिक है जिन्होंने परिवार का मुखिया खोया है, किसी ने पिता तो किसी ने पति खोया है। अचानक से घर के मुखिया के चले जाने से पहले से ही संकट के दौर से गुजर रहे इन परिवारों को आर्थिक तंगी का सामना भी करना पड़ रहा है। परिवार के मुखिया, पति व पिता की मौत होने के उपरांत परिजनों को सबसे अधिक दिक्कतें उनके मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने में आ रही हैं।
डेथ सर्टिफिकेट ना बन पाने से मुखिया के फंड, व्यवसाय से संबंधित फाइनेंस के कार्य करने में परिजनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संकटग्रस्त परिवारों को लेकर एक बार फिर डीएम अजय शंकर पांडेय ने ‘ऑलवेज़ विद यू’ कार्यक्रम की शुरूआत की। डीएम अजय शंकर पाण्डेय ने कहा कि कोरोना संकट में ऐसे परिवारों की संख्या अधिक है जिन्होंने अपने पिता, पति या घर के मुखिया को खोया है। एकदम से परिवार के मुखिया के चले जाने से उनके आश्रित परिजनों को व्यवसाय, बैंक, एलआईसी आदि फंड उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं तो वहीं संक्रमण और लॉकडाउन के कारण अन्य परिजन भी मदद के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। ऐसे परिवारों की आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाने के लिए ही ‘ऑलवेज़ विद यू’ कार्यक्रम शुरू किया गया है। डीएम ने बताया कि इस अभियान से वह जनता को यह संदेश देना चाहते हैं कि वह हर स्थिति में आम जनता के साथ खड़े हैं। अगर किसी को कोई दिक्कत हो, वह उनसे संपर्क कर सकता है, प्राथमिकता पर उसका निस्तारण किया जाएगा। डीएम ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सभी एक-दूसरे के साथ सहयोग करें तो इससे निबटा जा सकता है। जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उनका दुख तो समाप्त नहीं होगा लेकिन उनके जाने से जो वर्तमान में समस्याएं परिवार को उठानी पड़ रही हैं, उसका निस्तारण अब प्रशासन स्तर पर किया जाएगा। इसके लिए डीएम द्वारा एक ईमेल आईडी जारी की गई है। ईमेल आईडी ऑलवेज़विदयूडीएमगाजियाबाद’ जीमेल जनरेट की गई है। इस मेल आईडी में सहायता करने का अनुरोध व अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर आवेदक को लिखना होगा। अनुरोध मिलने पर एक जिम्मेदार अधिकारी को परिवार की सहायता के लिए प्रशासन मित्र के नाम से नियुक्त किया जाएगा। प्रशासन मित्र परिवार के पास पहुंचकर सरकारी और व्यवसायिक गतिविधियों की औपचारिकताओं को पूरा करने में मदद करेगा। डेथ सर्टिफिकेट, वारिसान प्रमाणपत्र, बैंक खाते में नामांतरण की कार्रवाई, एलआईसी क्लेम दिलाना, सरकारी विभाग में व्यवसाय से जुड़ी सहायता को लेकर विभाग के बीच समन्वय बनाएंगे। इतना ही नहीं यह अधिकारी परिवार की व्यवसायिक गतिविधियों को रूटीन में लाने के लिए जो भी प्रपत्रों की आवश्यकता होगी, उसे भी पूरा कराने का कार्य करेंगे और जब तक परिवार की समस्याएं दूर नहीं होंगी, प्रशासन मित्र परिवार के संपर्क में रहेंगे।
इसकी शुरुआत भी जिला प्रशासन ने शुरू कर दी है। हाल ही में कोविड संक्रमण से बीएम कंस्ट्रक्शन के एमडी बालकिशन के निधन के बाद उनके बेटे सूर्यांश शर्मा ने डीएम से फोन कर मदद मांगी और बताया कि पिता के निधन के बाद उनके स्वामित्व वाले संसाधनों का प्रबंधन करने के लिए आवश्यक प्रमाणपत्र और अन्य कानूनी दस्तावेजों को एकत्र करने की आवश्यकता है। सूर्यांश के मुताबिक, डीएम द्वारा परेशानी सुनकर तत्काल एक संपर्क अधिकारी को नियुक्त किया गया और आवश्यकता अनुसार मदद उपलब्ध कराई गई जिससे समस्याओं का निदान हो सका। सूर्यांश ने डीएम की मदद और पहल को लेकर आभार जताया है।