युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। पुलिस अधीक्षक प्रथम निपुण अग्रवाल गुरुवार को ‘युग करवटÓ कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने गाजियाबाद शहर से जुड़े कई मुद्दों पर बातचीत की। पुलिस विभाग में आने के बारे उन्होंने बताया कि उनके दादा और पिता सरकारी नौकरी में थे, घर का माहौल शिक्षा आदि के साथ-साथ जनसेवा के लिए प्रेरित करता था। उन्होंने बताया कि इंजीनियरिंग करने के बाद यूपीएससी पास की और आईपीएस बन गए। निपुण अग्रवाल ने बताया कि पुलिस में आने का कारण पब्लिक की सेवा और समाज के लिए कुछ कर गुजरने का जुनून ही लाया है। गाजियाबाद के माहौल के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि दिल्ली सीमा से जुड़े होने के कारण यहां अपराध का तरीका अलग है और यहां पर अपराध के साथ-साथ कई और चीजें भी सीखने को मिलती है। कई तरह के अलग अनुभव गाजियाबाद में मिलते हैं। जो आगे जाकर सर्विस में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि यहां सफेदपोश अपराधी अधिक हैं और इन सब से निपटना पुलिस के लिए बहुत बड़ी चुनौती है। उन्होंने बताया कि पुलिस के प्रति जनता के मन में सम्मान की भावना कम रहती है, लेकिन फिर भी आज भी पुलिस विभाग में ऐसे लोग हैं जिनका सम्मान किया जाता है। निपुण अग्रवाल ने बताया कि पुलिस के जवान भी जनता से ही आता हैं। कुछ लोग हो सकता है अपनी जिम्मेदारी सही से नहीं निभा पाते हों, लेकिन आज भी पुलिस विभाग के जवान पूरी मुस्तैदी से अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं।
एसपी सिटी ने बताया कि जनता दिवस, तहसील दिवस, थाना दिवस आदि के माध्यम से भी लोगों से मेलजोल बढ़ाया जा रहा है। उनकी समस्याएं सुनी जा रही हैं और समाधान भी किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार पुलिसकर्मियों की सुविधा पर भी ध्यान दे रही है, इस पर काम चल रहा है। मगर परिणाम आने में कुछ समय लगेगा। पुलिसकर्मियों के अभी तक ड्यूटी के घंटे फिक्स नहीं हैं। सरकार 8 घंटे की ड्यूटी करने पर योजना बना रही है। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों के आवास आदि पर भी काम चल रहा है। गाजियाबाद शहर सुरक्षित रहे इसके लिए पुलिस चेकिंग अभियान चलाती है। अधिकारी स्तर पर मॉनिटरिंग की जाती है, पीसीआर हैं, डायल 112 हैं, जो घटनास्थल पर कुछ समय में पहुंच जाती है। गाजियाबाद की जनता को सजग रहना चाहिए, सतर्क रहना चाहिए, लोग जागरूक रहें, आसपास ध्यान रखें, कुछ भी असामान्य देखने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। पुलिस का सहयोग लें और पुलिस को सहयोग करें। अपना डाटा पासवर्ड ओटीपी आदि किसी को ना दे। इसके साथ ही आस-पड़ोस के लोगों से बात करते रहें। आपस में एक दूसरे का ध्यान रखें।