नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मंदिर में चल रहे श्री दूधेश्वर गणपति लड्डू महोत्सव के चौथे दिन गणपति के गजव्रक स्वरूप की पूजा की गई। मंदिर के महंत व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतर्राष्टï्रीय प्रवक्ता नारायण गिरि महाराज ने षोडशोपचार से गजवक्र स्वरूप का पूजन किया ओर ११०० लड्डूओं का भोग लगाया। सुबह पूजन के बाद भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया। शाम को भजन मंडली द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। महंत नारायण गिरि ने बताया कि भगवान शंकर द्वारा मां पार्वती को दिए गए पुत्र प्राप्ति के वरदान के बाद ही गणेश जी ने अर्बुद पर्वत (माउंट आबू) जिसे अर्बुदारण्य भी कहा जाता है, पर जन्म लिया था। गणपति के जन्म के बाद देवी-देवताओं ने इस पर्वत की परिक्रमा की थी। इसके साथ ही साधु-संतों ने गोबर से वहां भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की थी। भगवान के इसी स्वरूप को गजव्रक कहा जाता है। इस मौके पर महामंडलेश्वर स्वामी नरसिंहानंद सरस्वती, वेद विद्यापीठ के वरिष्ठ प्राचार्य लक्ष्मीकांत पाठी, आचार्य डॉ. कैलाश नाथ तिवारी, दूधेश्वर वेद विद्यालय के प्राचार्य तोयराज उपाध्याय, आचार्य विकास पाण्डेय, आचार्य नित्यानंद व पीठ के छात्रों ने पूजन किया।