बड़े चौधरी साहब को भारत रत्न
ऐसे ही मोदी को नहीं कहा जाता कि ‘मोदी है तो मुमकिन है’ लोकसभा चुनाव से कुछ समय पहले ही पीएम मोदी ने ऐसा तीर चला कि सबको चित कर दिया। मतलब इंडिया गठबंधन के ताबूत में आखरी कील ठोक दी। यानि इंडिया गठबंधन की नाभि में तीर मार दिया। दरअसल उत्तर प्रदेश की 14 सीटें २०१९ के चुनाव में भाजपा हार गई थी। इस बार भाजपा हाईकमान का फोकस इन हारी हुई १४ सीटों पर ही ज्यादा था। इन हारी हुई १४ सीटों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ७ सीटें थी। अब बड़े चौधरी साहब को भारत रत्न देकर मोदी जी ने ऐसा काम किया है कि सब धराशायी हो गये। कल तक जो जाट समाज या यूं कहें कि राष्टï्रीय लोकदल के नेता पानी पी-पीकर मोदी जी को बुरा-भला कहते थे, भाजपा पर निशाना साध रहे थे आज उनकी ये स्थिति है कि मोदी जी की जय-जयकार के अलावा उनकी जुबान पर और कोई शब्द है ही नहीं। जाहिर है बड़े चौधरी साहब को जो सम्मान दिया गया है इसमें कोई दोराय नहीं कि ये सम्मान उनको बहुत पहले ही मिल जाना चाहिये था क्योंकि वो इसके हकीकत में हकदार थे लेकिन किसी सरकार ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। भले ही अब गैर-भाजपाई दल ये कह रहे हैं कि ये सबकुछ वोटों की राजनीति के चलते हुआ है। २०२४ के लोकसभा चुनाव के चलते हुआ है। ठीक है मान लिया जाये लेकिन आज तक और किसी दल ने क्यों नहीं किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ये कदम वास्तव में सराहनीय है। चौ. चरण सिंह जैसे शख्सियत को भारत रत्न देकर वास्तव में उन्होंने वो काम किया है जो अब तक की सरकारें नहीं कर पायी। कल जब भारत रत्न की घोषणा हुई उसके बाद से राजनीति की तस्वीर ही पूरी तरह बदल गई है और २०२४ में क्या परिणाम होंगे इसका अंदाजा भी लोग अभी से लगाने लगे हैं। हालांकि पहले से इस बात की चर्चाएं थी कि जिस तरह इंडिया गठबंधन में दरारें पड़ रही हैं, इसका लाभ सीधा भाजपा को मिलेगा। लेकिन रालोद के भाजपा के साथ जाने के बाद बहुत कुछ बदल जाएगा। अभी भारत रत्न के बाद तस्वीर बदली है, गठबंधन के बाद और भी बहुत कुछ तस्वीरें बदलेंगी। किसी ने सही कहा है कि जहां लोग सोचना बंद कर देेते हैं मोदी जी वहां से सोचना शुरू करते हैं। बड़े चौधरी साहब को भारत रत्न देकर उन्होंने इसी सोच का संदेश दिया है। किसानों को लेकर आंदोलन वाले नेता हों या फिर कोई और संगठन हों वो भी अब मोदी जी की जय-जयकार कर रहे हैं। इसीलिए तो कहा है कि आज की भाजपा पहले की भाजपा नहीं है और मोदी जी कब किसको जोर का झटका धीरे से देते हैं किसी नहीं पता। जय हिंद