युग करवट ब्यूरो
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक भव्य समारोह में बाबा विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर का लोकार्पण किया। देशभर से आए साधू-संतों और तमाम हस्तियों की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रधानमंत्री ने बाबा विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर का लोकार्पण किया। 700 करोड़ की लागत से 33 महीने में तैयार हुए श्री काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण रेवती नक्षत्र में किया गया। लोकार्पण के दौरान 51 बटुक वेदों का सस्वर पाठ किया।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने ललिता घाट में पहले मां गंगा में डुबकी लगाकर आचमन किया। इसके बाद गंगानदी से गंगाजल लेकर प्रधानमंत्री मोदी काशी विश्वनाथ के धाम पहुंचे। विश्वनाथ धाम के लोकार्पण को लेकर आज वाराणसी में उत्सव का माहौल है। काशी में आज शिव दीपावली मनाई जा रही है। आज शाम को काशी के घाटों को दीयों से सजाया जाएगा।
लोकार्पण समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उनके मंत्रीमंडल के सभी सदस्यों के अलावा भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए। समारोह में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, राष्टï्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष, यूपी के प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान समेत भाजपा के तमाम बड़े नेता भी शामिल हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ललिता घाट पर काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण में लगे श्रमिकों पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिवादन किया। गंगा में डुबकी लगाने के बाद प्रधानमंत्री बाबा विश्वनाथ के दरबार में पहुंचे जहां पुरोहितों के दल ने उनका मंत्रोच्चार के साथ स्वागत किया।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव के मंदिर जाकर उनका आशीर्वाद लिया। प्रधानमंत्री खिड़किया घाट से ललिता घाट की ओर क्रूज से गए। गंगा के दोनों किनारों पर खड़े लोग हर-हर महादेव के जयकारों से उनका स्वागत किया। भारी संख्या में लोग इस पावन पल का साक्षी बनने के लिए काशी पहुंचे।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी का विशेष विमान वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पहुंचने पर राज्यपाल आनंदीबेन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी आगवानी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 बजे काशी विश्वनाथ धाम में प्रवेश किया। मंगलाआरती के बाद वैदिक विद्वानों द्वारा चारों वेदों की ऋचाओं और मंत्रों का पारायण किया गया। गंगा तट से मंदिर के गर्भगृह तक बने काशी विश्वनाथ धाम का यह नया स्वरूप 241 साल दुनिया के सामने आया। इतिहासकारों के अनुसार श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पर वर्ष 1194 से लेकर 1669 तक कई बार हमले हुए। 1777 से 1780 के बीच मराठा साम्राज्य की महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। ढाई दशक बाद पीएम मोदी ने आठ मार्च 2019 को मंदिर के इस भव्य दरबार का शिलान्यास किया था।