गाजियाबाद (युग करवट)। बॉलीवुड के प्रसिद्ध फिल्म निदेशक सुजीत सरकार के कुशल मार्गदर्शन में सृजनात्मक ढंग से बनी एनीमेशन फीचर फिल्म में महिला सशक्तिकरण के साथ साथ ब्रह्माकुमारी संस्था के इतिहास को एक कहानी के रूप में बताया गया है। फिल्म में संस्था के साकार संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा के माध्यम से सुप्रीम लाईट, परमज्योति निराकार शिव परमात्मा के द्वारा पूरे मानवता की नैतिक व आध्यात्मिक चरित्र उत्थान के कार्य को दर्शाया गया है। गोवा में हुई 54 वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में इस फिल्म ने अपनी अनूठी अवधारणा और सिनेमैटोग्राफी के द्वारा स्पेशल जूरी एवं विशेष आमंत्रित दर्शकों का दिल जीता है। इस फिल्म को प्रसाद गाओनाकर ने एनीमेशन द्वारा यथार्थवादी स्पर्श दिया है।
दिल्ली तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में फिल्म की स्क्रीनिंग की गई। दर्शकों ने फिल्म को खूब सराहा। पूर्व पार्षद एवं प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र त्यागी ने कहा कि फिल्म के माध्यम से नारी सशक्तिकरण को बाखूबी तरीके से दर्शाया गया। महिला प्रभाग की अध्यक्षा एवं रूस एवं बाल्टिक देशों की निदेशिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी चक्रधारी तथा अन्य राजयोगिनी बहनों ने भी फिल्म देखी। उन्होंने कहा कि यह फिल्म प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की स्थापना जिसे प्रारंभ में *ओम मंडली* कहा जाता था, उस समय को प्रदर्शित करती है। आज विशाल वट वृक्ष के रूप में 140 से अधिक देशों में 9000 से अधिक सेवा केन्द्रों द्वारा सेवा करते हुए निरंतर आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग की शिक्षा दे रही है।