5 स्टार रिजॉर्ट भी फेल हैं बाबा के महल जैसे आश्रमों के सामने
हाथरस (युग करवट)। जिसके सत्संग में सौ से ज्यादा लोगों की जान चली गई उस भोले बाबा उर्फ सूरजपाल के आश्रम इतने आलीशान है कि उनके सामने फाइव स्टार रिजॉर्ट भी फेल नजर आते हैं। जांच में यह भी पता चला है कि भोले बाबा उर्फ सूरजपाल ने अपनी खुद की आर्मी भी बना रखी थी जिसमें तकरीबन पांच हजार लोग शामिल थे। इसके साथ ही महिलाओं की एक आर्मी विंग भी बना रखी थी। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में कई आश्रम, 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति, दर्जनों लग्जरी गाडिय़ों का काफिला, ये सारी संपत्ति भी भोले बाबा की हैं। भोले बाबा का मैनपुरी स्थित आश्रम का एक ड्रोन शॉर्ट्स भी सामने आया है। इसे देखकर तो लग रहा है कि यह आश्रम किसी 5 सितारा होटल से कम नहीं है। कहा जा रहा है कि हाथरस में मची भगदड़ के बाद बाबा इसी आश्रम में आया था। मैनपुरी स्थित बाबा का यह आश्रम 21 बीघा में फैला है। इस आश्रम के अंदर शानदार और लग्जरी कमरे बने हुए हैं। बिछवां के इस जमीन पर आठ साल पहले करोड़ों की लागत से किलेनुमा एक भव्य आश्रम बनाया गया था। इस आश्रम में दर्जनों लग्जरी गाडिय़ां खड़ी हैं और भोले बाबा यहीं बीते डेढ़ साल से रहते हैं। ये आलीशान इमारत आश्रम के सबसे भीतरी परिसर में है। हां तक जाने के लिए सेवादारों के कक्ष से होकर गुजरना पड़ता है।

बाबा को हिरासत में लेने की चर्चा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में जिस आश्रम में नारायण साकार हरि के रुकने की चर्चा है। वहां बीती आधी रात पुलिस की कुछ गाडिय़ां पहुंचीं। ये गाडिय़ां आश्रम में दाखिल होने के बाद रात करीब एक बजे निकलीं। चर्चा है कि लौटते समय पुलिस आश्रम से भी दो गाडिय़ां साथ ले गई है। सूत्रों के अनुसार पुलिस टीम साकार विश्व हरि को भी अपने साथ ले गई है। हालांकि पुलिस अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि एसटीएफ आगरा की टीम आश्रम में आई थी। वहीं कुछ लोग एसआईटी आने की बात कह रहे हैं।
आश्रम में रहने वाले ने खोले राज बाबा को बताया शराब का आदी
हाथरस। बाबा के आश्रम में रहने वाले रंजीत सिंह नाम के चश्मदीद ने ऐसे खुलासे किए हैं, जिन्हें सुनकर हर कोई हैरान रह जाएगा। उन्होंने बताया कि बाबा के पास कोई शक्ति नहीं है, ऐसा होने का वह ढोंग करता है। रंजीत का कहना है कि बाबा शराब से लेकर शबाब तक का आदी है और उसके आश्रम में 16-17 साल की लड़कियां भी हैं, जिन्हें वह अपनी शिष्या बताता है। रंजीत ने यह भी बताया कि कैसे बाबा ने सत्संग और चमत्कारी शक्तियों का ढोंग रचना शुरू किया और लोग उसके अंधविश्वास में फंसते चले गए।