बैंकों की मनमानी पर लगेगी रोक, व्यापारियों को इलैक्ट्रॉनिक बिल जनरेट करना जरूरी
युग करवट ब्यूरो
नई दिल्ली। नववर्ष की शुरुआत के साथ ही कुछ नए बदलाव होने जा रहे हैं। जो आम आदमी के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। इन बदलावों का सीधा असर आम आदमी जिंदगी पर पड़ेगा। 1 जनवरी से कुछ जरूरी नियम बदलने वाले हैं। इनमें क्रेडिट कार्ड, बैंक लॉकर, जीएसटी ई-इन्वॉयसिंग, सीएनजी-पीएनजी के भाव और गाडिय़ों की कीमतों से जुड़े बदलाव शामिल हैं। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से बैंक लॉकर से संबंधित नए निर्देश जारी किए हैं। इन नियमों के लागू होने के बाद अगर बैंक लॉकर में रखे सामान को कोई नुकसान पहुंचता है तो इसके लिए बैंक की जवाबदेही तय की जाएगी। बैंक और ग्राहको के बीच एग्रीमेंट साइन किया जाएगा। यह 31 दिसंबर तक के लिए वैध रहेगा।
नए साल की शुरुआत से एचडीएफसी बैंक अपने क्रेडिट कार्ड से भुगतान पर मिलने वाले रिवॉर्ड प्वाइंट्स में बदवाल करने जा रहा है। ऐसे में ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे अपने क्रेडिट कार्ड में बचे सभी रिवॉर्ड प्वाइंट का भुगतान 31 दिसंबर से पहले ही कर लें। 1 जनवरी से नए नियमों के तहत रिवॉर्ड प्वाइंट की सुविधाएं दी जाएंगी। नववर्ष में नए वाहन खरीदना महंगा हो सकता है। प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों जिनमें एमजी मोटर, मारुति सुजुकी, हुंडई मोटर्स, होंडा, टाटा मोटर्स, रेनॉल्ट, ऑडी और मर्सिडीज-बेंच शामिल हैं, ने अपनी गाडिय़ों के कीमतों में इजाफा करने की घोषणा की है। सरकार ने जीएसटी की ई-इन्वॉयसिंग के लिए जरूरी सीमा को 20 करोड़ रुपये से घटाकर पांच करोड़ रुपये कर दी है। जिन व्यापारियों का टर्न ओवर पांच करोड़ रुपये या उससे अधिक है उनके लिए अब इलेक्ट्रॉनिक बिल जनरेट करना जरूरी हो जाएगा। आयकर विभाग पैन अगले साल मार्च के अंत तक आधार से नहीं जुड़ेंगे, उन्हें निष्क्रिय कर दिया जाएगा।