दिल्ली और यूपी के बीच फंसा है पेंच
यूपी के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर लगातार तारीखों पर तारीखें दी जा रही हैं लेकिन अभी तक मंत्रिमंडल विस्तार नहीं हुआ। अब मंत्री पद की आस लगाये बैठे कई लोगों की उम्मीदें उनका साथ छोड़ रही हैं। बार-बार मंत्री पद की शपथ लेने की तारीख बताने वाले ओमप्रकाश राजभर भी अब कोई तारीख मीडिया को नहीं बता रहे हैं। मगर दारा सिंह के एमएलसी बनाये जाने के बाद एक बार फिर उम्मीद जगी है कि मंत्रिमंडल का विस्तार भले ही छोटा होगा जल्दी हो सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक दिन पहले राज्यपाल आनंदी बेन से राजभवन में मुलाकात की थी। तीसरी आंख को पता चला है कि मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर दिल्ली और यूपी के बीच पेंच फंसा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चाहते हैं कि इस मंत्रिमंडल विस्तार में रघुराजप्रताप सिंह राजा भैया और महेन्द्र सिंह को भी शपथ दिलाई जाये। दिल्ली इसके लिए तैयार नहीं है। इसलिए मुख्यमंत्री दिल्ली के इशारे के बाद भी मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं कर रहा। दरअसल, महेन्द्र सिंह मुख्यमंत्री के बेहद निकट माने जाते हैं और पिछले कार्यकाल में वो योगी सरकार में मंत्री भी थे। उनको लेकर कई सवालात भी खड़े हुए थे और २०२२ के मंत्रिमंडल में दिल्ली में महेंद्र सिंह का नाम काट दिया था। अब जब लगातार मंत्रिमंडल के विस्तार की बात कही जा रही है तो मुख्यमंत्री चाहते हैं कि महेंद्र सिंह को भी शपथ दिलाई जाये लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है। दरअसल मुख्यमंत्री के निकट लोगों में सुरेश राणा और महेंद्र सिंह बड़े खास थे। अब दोनों सवैंधानिक पद पर नहीं है लेकिन फिर भी समय-समय पर दोनों को मुख्यमंत्री के साथ देखा गया है। राजा भैया को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंत्री बनाकर अपने को और मजबूत करना चाहते हैं। बहरहाल, अब दिल्ली और यूपी के बीच मंत्रिमंडल का विस्तार फंसा हुआ है। देखना होगा कि आगे क्या होता है। क्योंकि जो शपथ लेने के लिए बैठे हैं उनको एक-एक दिन भारी पड़ रहा है। उन्होंने जो बयानबाजी की है उसके बाद वो कहीं और जाने की स्थिति में नहीं है। लोकसभा चुनाव नजदीक है ऐसे में इन लोगों की जल्दबाजी और बढ़ गई है। फिलहाल ये उम्मीद लग रही है कि लोकसभा चुनाव से पहले मंत्रिमंडल का छोटा विस्तार हो सकता है। अब देखना ये है कि मुख्यमंत्री जिनको चाहते हैं क्या उनका नंबर आयेगा या नहीं। जय हिंद