युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। 15 वर्ष के लिए विज्ञापन के ठेके के मामले में अब नगर निगम और पार्षद के बीच कानूनी दांव पेंच शुरू हो गया है। इसी के चलते नगर निगम पत्र लिखे जाने के बाद भी नगर निगम 13 जुलाई और 16 अगस्त को हुई बोर्ड की बैठक की मिनट्स और वीडियो रिकॉर्डिंग नगर निगम पार्षद हिमांशु मित्तल को उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। दरअसल 15 वर्ष के लिए विज्ञापन का ठेका दिए जाने के मामले में विवाद चल रहा है। इस मामले में पार्षद हिमांशु मित्तल की ओर से एक रिट कोर्ट में फाइल की गई है। कोर्ट में सुनवाई पैनल पर आने की खबर नगर निगम के अधिकारियों को भी है। माना जा रहा है कि इसी के चलते नगर निगम अब काफी सतर्क हो गया है। यहीं कारण है कि पार्षद हिमांशु मित्तल की ओर से एक बार फिर से नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर को पत्र लिखा गया। पत्र में पार्षद मित्तल ने नगर आयुक्त से 13 जुलाई और 16 अगस्त को हुई निगम बोर्ड की बैठक कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग मांगी है। इसके अलावा 16 अगस्त को हुई बोर्ड बैठक की मिनट्स की सत्यापित कॉपी भी मांगी है। मगर यह उन्हें उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। उनका कहना है कि इस मामले में वह कई बार निगम को पत्र लिखकर मिनट्स की मांग कर चुके हैं।