नगर संवाददाता
गाजियाबाद(युग करवट)। नुपुर शर्मा को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में नुपुर शर्मा के समर्थन में डासना शिवशक्ति धाम के महंत एवं श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहा नंद सरस्वती ने दिल्ली की जामा मस्जिद में कुरान और इस्लाम की पुस्तकें लेकर जाने का ऐलान किया था, जिस पर एसडीएम सदर विनय सिंह द्वारा उन्हें आज ११ बजे कोर्ट में तलब होने के लिए नोटिस भेजा गया था। लेकिन तय समय से पहले खुद एसडीएम सदर डासना देवी मंदिर पहुंच गए। जहां उन्होंने यति नरसिंहा सरस्वती से वार्ता की और शपथ पत्र भी लिया। यति नरसिंहानंद सरस्वती ने बताया कि उनकी सुरक्षा का हवाला देकर एसडीएम प्रशासन खुद उनके पास आए थे, जबकि वह कोर्ट जाने की तैयारी कर चुके थे। प्रशासन के सहयोगी रवैये को देखते हुए उन्होंने अपना शपथ पत्र सौंपा और अपनी बात रखते हुए कहा कि इस्लाम में लिखित पुस्तकों के पढऩे से सिद्घ हो जाएगा कि नुपुर शर्मा ने जो कहा था वह झूठ या गलत नहीं है। कोर्ट में यह मुकदमा चलाया जाए और अगर वह गलत साबित हो तो उन्हें फांसी की सजा दी जाए। लेकिन अगर नुपुर शर्मा की बात सच निकलती है तो इस बात पर देश भर में दंगा फैलाने वाले दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि देश को निशाना बनाकर उसे दंगे की आग में झोंकने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान एसडीएम सदर को यति नरसिंहा नंद सरस्वती द्वारा अली सीना द्वारा रचित अंडरस्टैंडिंग मोहम्मद सहित अनेक पुस्तकें दी गई हैं।
शपथ देने के दौरान अनिल यादव, डॉ. उदिता त्यागी, अक्षय त्यागी, मुकेश त्यागी, संजय त्यागी आदि भी मौजूद रहे।