नई दिल्ली। दिसंबर में कोरोना से रिकवर हुए मरीजों में म्यूकोरमाइसिस नाम के फंगल इंफेक्शन के काफी केस देखने को मिल रहे हैं। कोरोना की दूसरी लहर के बाद ऐसे केसों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टर्स के मुताबिक यह फंगल इंफेक्शन इतना खतरनाक है कि यदि किसी को हो जाए तो उसकी आंखों की रोशनी भी जा सकती है। साथ ही जबड़ा भी निकालना पड़ सकता है।
अस्पतालों में बीते दिनों में फिर से ऐसे मामले बढ़े हैं। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना के बढऩे के साथ ही दोबारा से इस खतरनाक फंगल इंफेक्शन के मामले बढ़ रहे हैं। पिछले 2 दिनों में इस इंफेक्शन से पीडि़त 6 मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। पिछले साल भी इस फंगल इंफेक्शन ने कई मरीजों की आंखों की रोशनी छीन ली थी। अगर कोविड से रिकवर हुए किसी व्यक्ति का नाक बंद रहता है, आंख या गाल में सूजन है और नाक में काली पपड़ी जैसा कुछ महसूस होता है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें ताकि समय रहता इसका इलाज शुरू किया जा सके। कोरोना के जो मरीज पहले से किसी न किसी बीमारी का शिकार हैं या फिर कोविड मरीजों के इलाज में अधिक स्टेरॉयड का इस्तेमाल किया जा रहा है तो इन कारणों से म्यूकोरमाइसिस नाम के फंगल इंफेक्शन हो सकता है। वहीं राजधानी कोविड-19 से एक दिन में 335 लोगों की मौत हो गई और 19,133 नए मामले आए। दिल्ली में 18 अप्रैल के बाद से पहली बार कोराना वायरस से संक्रमित पाए जाने वाले लोगों की दर 25 प्रतिशत से कम रही है।