युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। जिलेें में फिर से पांबदियों का दौर शुरू हो सकता है। आंशका जताई जा रही है कि अगले सप्ताह से जिले में नाइट कफ्र्यू भी लग सकता है। हालांकि इसकी अभी कोई अधिकारिक पुष्टिï नहीं हुई है लेकिन जिस तरह से जिले में संक्रमण के मामले और एक्टिव मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है उससे स्वास्थ्य विभाग की भी मुश्किलें बढ रही हैं। कोविड नियमों के तहत जिस जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या ५०० तक पहुंच जाएगी वहां संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सख्ती बरती जाती है। सार्वजनिक आवागमन को रोकने के लिए नाइट कफ्र्यू से लेकर साप्ताहिक बंदी भी की जाती है ताकि लोग एकदूसरे के सम्पर्क में कम से कम आएं। जिले में वर्तमान में ४१२ एक्टिव मरीज है। अगर मरीजों की संख्या इसी तरह से बढती रही है तो अगले सप्ताह तक यह आंकडा ५०० को पार कर जाएगा इसके बाद स्वत ही नाइट कफ्र्यू शुरू हो जाएगा। जबकि मार्च माह में सभी पांबदियों को शासन ने हटा लिया था। अब फिर से नाइट कफ्र्यू की आहट ने आम जन, व्यारपारियों, होटल-रेस्टोरेंट संचालकों के होश उडा दिए हैं। जिले में अप्रैल माह से फिर से कोरोना संक्रमण तेजी से फैलना शुरू हो गया था। इसके बाद से लगातार संक्रमण की रफ्तार बढ रही है। इतना ही नहीं एक्टिव मरीजों की संख्या भी बढ रही है। संक्रमण के साथ ही अब जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या में भी इजाफा होता जा रहा है। एक्टिव मरीजों की संख्या जिले में ४१२ तक पहुंच गई है। अगर यह संख्या पांच सौ का आंकड़ा पार कर गई तो सम्भवत: फिर से जिले में पांबदियों का दौर शुरू हो जाएगा।
नाइट कफ्र्यू भी फिर से शुरू हो सकता है, हालांकि वर्तमान में जो मरीज मिल रहे हैं वह होम आइसोलेशन में रहकर ही ठीक हो रहे हैं, लेकिन संक्रमण भी तेजी से फैल रहा है। शासन से जारी रिपोर्ट में जिले में २४ घंटे में कोरोना संक्रमण के ३६ नए मरीज चिन्हित हुए हैं, जिनमें 0 से १२ वर्ष तक के २ मरीज, १३ से २० वर्ष तक के ४ मरीज, २१ से ४० वर्ष तक के १६ मरीज, ४१ से ६० वर्ष तक के ९ मरीज और ६० वर्ष से ऊपर के ५ मरीज चिन्हित हुए हैं। हालांकि बीते २४ घंटे में एक भी मरीज संक्रमण से मुक्त नहीं हुआ है। इसकी वजह से एक्टिव मरीजों का आंकड़ा ४१२ तक पहुंच गया है। मई माह में अब तक ३५४ लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इतना ही नहीं जिले के स्कूलों में भी तेजी से संक्रमण फैल रहा है। डीएसओ डॉ.आरके गुप्ता ने बताया कि जिले में संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ रही है लेकिन सभी मरीज होम आइसोलेशन में रहकर ठीक हो रहे हैं। लेकिन अगर लोग सावधानी बरते और लक्षण दिखते ही विभाग को जानकारी दें तो काफी हद तक इसे फैलने से रोका जा सकता है।