युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। अक्षय तृतीया पर सोने की खरीददारी को शुभ माना जाता है। इसके चलते हर साल लोग बड़े पैमाने पर सोने से बनी वस्तुओं की खरीददारी करते थे। लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन की वजह से अक्षय तृतीया पर शहर के ज्वैलर्स को भी खासा नुकसान उठाना पड़ा।
अक्षय तृतीया पर ज्वैलर्स बाज़ार जहां खरीददारों से गुलजार रहते थे, आज वहां सन्नाटा है। महीने भर पहले से ही ज्वैलर्स इसकी तैयारी शुरू कर देते थे तो लोग एडवंास में गहने आदि बनवाते थे जिन्हें विशेष अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त पर ही खरीदा जाता था। लेकिन इस बार खरीददारी तो दूर की बात है, एडवांस बुकिंग तक नहीं कराई गई है। लॉकडाउन के चलते किराना और सब्जी बाज़ार भी सुबह ११ बजे तक ही खोले जा रहे हैं ताकि लोग कम से कम घरों से बाहर निकल सकें। लॉकडाउन के कारण ज्वैलर्स बाज़ार भी पूरी तरह से बंद हैं।
एक अनुमान की मानें तो जिले में करीब छोटी-बड़ी मिलाकर १२०० ज्वैलर्स की दुकानें हैं जिनपर विशेष अक्षय तृतीया के पर्व पर औसतन एक दुकान पर ५० हजार रुपये तक की खरीददारी हो जाती है। यानि अनुमानित अक्षय तृतीया पर करीब सात सौ करोड़ रुपये की खरीददारी एक दिन में ही होती थी लेकिन संक्रमण के इस संकट में आम आदमी ही नहीं बल्कि व्यापारियों को भी नुकसान की मार झेलनी पड़ रही है। अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ के राष्टï्रीय महासचिव रवि वर्मा ने बताया कि अक्षय तृतीया को लेकर पहले से ही तैयारी शुरू कर दी जाती थी, अक्षय तृतीया पर सोने की खरीददारी को शुभ माना जाता है, इसके चलते लोग बड़ी संख्या में सोना खरीदने पहुंचते थे लेकिन इस बार हालात पूरी तरह से बदले हुए हैं और संक्रमण से हाल बेहाल हैं। उस पर लॉकडाउन के कारण दुकानें भी बंद रखी जा रही हैं। इसकी वजह से इस वर्ष पर्व पर करोड़ों रुपये का नुकसान ज्वैलर्स को उठाना पड़ रहा है।