युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। कोरोना के दौर में अपने अभिभावकों या माता-पिता में से किसी एक को खो चुके बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत सहायता राशि के चेक प्रदान किए गए। पूरे प्रदेश में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस योजना का शुभारंभ किया। इसके बाद जिला स्तर पर चयनित बच्चों को प्रतीकात्मक रूप से चेक के प्रमाणपत्र व अन्य सामान प्रदान किया गया। लखनऊ से लाइव प्रसारित कार्यक्रम को पहले जिला मुख्यालय के सभागार में देखा गया। इसके उपरांत मेयर आशा शर्मा ने कहा कि कोरोना का दौर एक ऐसी संकट की घड़ी थी जिसमें बहुतों ने अपनों को खोया था। बड़ी संख्या में परिवारों ने अपने मुखिया को खोया है। ऐसे परिवारों की मद्द के लिए योगी सरकार ने यह योजना शुरू की है जिसमें पीडि़त बच्चों को हर माह धनराशि प्रदान की जाएगी। डीएम आरके सिंह ने बताया कि हर माह चार हजार रुपए चयनित बच्चों के खाते में भेजे जांएगे ताकि उनका भरण पोषण हो सके। बच्चों की एजुकेशन की जिम्मेदारी भी सरकार ने उठाई है। सीडीओ अस्मिता लाल ने बताया कि इस योजना के तहत जिले में २९१ बच्चों का चयन किया गया था। शुरुआत में सौ बच्चों के खाते में सीधे चार हजार रुपये की धनराशि पहुंचाई जाएगी। इसके अलावा जिन बच्चों के माता-पिता दोनों ही नहीं हैं, उन्हें सरकार द्वारा आवासित आश्रय स्थल व स्कूलों में भेजा जाएगा। इसके अलावा बेटियों की शादी के दौरान सरकार द्वारा एक लाख, एक हजार रुपये की धनराशि भी प्रदान की जाएगी। उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों की फीस माफी से लेकर उन्हें टैबलेट प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा भी इन बच्चों की निरंतर निगरानी की जाएगी। सीएम योगी की योजना का शुभारंभ करने के उपरांत प्रतीकात्मक रूप से जिले में दस बच्चों को प्रमाणपत्र व अन्य सामान मेयर आशा शर्मा, डीएम आरके सिंह व सीडीओ अस्मिता लाल ने प्रदान किए। इनमें दो परिवारों के बच्चे ऐसे थे जिन्होंने कोरोना के दौर में अपने माता-पिता दोनों को खो दिया तो वहीं बाकी के आठ परिवार ऐसे थे जिन्होंने परिवार के मुखिया को खोया है। इस दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्र, परिवीक्षा अधिकारी लोकेंद्र सिंह, जिला महिला कल्याण अधिकारी नेहा, जितेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।