गाजियाबाद। शासन के आदेश के बाद जेल प्रशासन ने ५४० बंदियों को रिहा करने की कवायद शुरू कर दी है जो सात साल से कम सज़ा वाले अपराधिक मामलों के तहत जेल में बंद हैं। यह जानकारी देते हुए जेल अधीक्षक आलोक कुमार ने बताया कि कोरोना संकट की विष्म परिस्थितियों को देखते हुए जेल प्रशासन ने ऐसे बंदियों की स्कूटनी की है जो ऐसे मामलों में बंद हैं जिसमें सात साल से कम सज़ा का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि शासन के आदेशों का अनुपालन करते हुए जेल प्रशासन ने ५४० बंदियों की रिहाई की कार्रवाई शुरू कर दी है। नियमों के अनुरूप रिहाई के लिए छांटे गये ५४० बंदियों को रिहा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जेल अधीक्षक ने बताया कि इन बंदियों के रिहा होने से जहां डासनना जेल पर रह रहे बंदियों/कैदियों में अतिरिक्त भार में कमी आयेगी वहीं कोरोना संक्रमण होने का खतरा भी कम हो जायेगा। उन्होंने बताया कि ये कदम कोरोना के बढ़ते प्रकोप के मदï्देनजऱ उठाये गये हैं। यह प्रक्रिया पैरोल के आधार पर की जा रही है।