युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। राष्टï्रीय महिला आयोग की सदस्य चंद्रमुखी देवी ने आज हरसांव पुलिस लाइन में महिला उत्पीडऩ के मामलों में जनसुनवाई की। इस दौरान रजिस्टर्ड किए गए ५७ मामलों में से करीब २५ मामले के वादकारी ही पहुंच सके। इन सभी मामलों की सुनवाई करते हुए कई मामलों में मौके पर ही एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। इस दौरान महिला आयोग की सदस्य चंद्रमुखी देवी ने कहा कि महिलाएं आज घर की जिम्मेदारी सम्भालने के साथ ही घर से बाहर निकलकर काम भी कर रही हैं लेकिन समाज के प्रति आज भी उनकी सोच वहीं पुरानी है। इसकी वजह से लोगों का अहम आड़े आता है, नतीजतन आज महिला उत्पीडऩ के मामलों में बढोत्तरी हो रही है। महिलाएं जागरूक हैं इसलिए मामले पुलिस और महिला आयोग तक पहुंच रहे हैं। वरना पूर्व में महिलाएं अपने खिलाफ मामलों को भी दर्ज कराने से घबराती थी। चंद्रमुखी देवी ने बताया कि पिछले कई साल में गाजियाबाद जिले में लम्बित मामलों की संख्या ८०० तक पहुंच गई है, ऐसे में जल्द से जल्द इन मामलों का निस्तारण हो सके इसके लिए निरंतर जनसुनवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में कोरोना काल में महिला उत्पीडऩ के मामलों में सबसे अधिक बढ़ोत्तरी हुई है।
शारीरिक, मानसिक से लेकर घरेलू हिंसा के मामले महिलाओं ने ऑनलाइन दर्ज कराए हैं। इसके अलावा साइबर क्राइम के मामलों में भी अब तेजी से बढ़ोत्तरी होती जा रही है। जनसुनवाइ के दौरान करीब २५ मामले सुने गए जिसमें घरेलू हिंसा, यौन उत्पीडऩ, मानसिक उत्पीडन व पडोसियेां द्वारा किए जा रहे उत्पीडऩ के मामले भी आए। इस दौरान महिला आयोग की विशेष कॉर्डिनेटर नेहा महाजन, एएसपी दीक्षा शर्मा, सीओ अंशु वर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्र आदि अधिकारी मौजूद रहे।