लोकसभा चुनाव २०२४
लोकसभा चुनाव २०२४ को लेकर हर क्षेत्र में जोरशोर से तैयारियां चल रही है। राजनीतिक गलियारों में हो रही चर्चाओं पर भरोसा करें तो इस बार भाजपा ४० प्रतिशत के आसपास अपने पुराने टिकट बदलेगी। उत्तर प्रदेश में भी कई नये चेहरे इस बार चुनाव में दिखाई देंगे। कुछ मजबूत विधायकों को भी लोकसभा चुनाव में उतारा जा सकता है। भाजपा के टिकट के दावेदारों की लंबी सूची है। अब इस तरह रालोद के साथ गठबंधन की चर्चाएं चल रही हैं, इससे भी कहीं ना कहीं पुराने चेहरों को बदला जा सकता है। प्रधानमंत्री पर छह सीटों को लेकर जो जिम्मेदारी दी गई थी उसमें मथुरा भी शामिल थी। वर्तमान में मथुरा से हेमा मालिनी सांसद हैं। वो ७३ वर्ष की हो गई हैं इसलिए उनका टिकट कटना तय है। यदि रालोद से गठबंधन होता है तो ये मथुरा की सीट रालोद के खाते में जा सकती है। जिन लोगों को लोकसभा का टिकट नहीं मिलना है उन्हें पार्टी राज्यसभा में भेज रही है। तीसरी आंख को पता चला है कि भाजपा हाईकमान अरुण सिंह में भी जो वर्तमान में राष्टï्रीय महासचिव है उन्हें भी लोकसभा चुनाव लड़ाने का मन बना रही है और दो सीटों मथुरा और गाजियाबाद में से उन्हें प्रत्याशी बनाये जाने की चर्चा थी। यदि रालोद से गठबंधन होता है तो फिर मथुरा गठबंधन में चली जाएगी। तीसरी आंख ने देखा कि जब से युग करवट में अरुण सिंह द्वारा गाजियाबाद में कोठी देखे जाने की खबर प्रकाशित हुई है तब से अरुण सिंह की दिल्ली के 6 रकाब गंज स्थित निवास पर गाजियाबाद के लोगों ने जाना शुरू कर दिया है। भाजपा के कई नेता रात को भी उनसे खामोशी से मुलाकात करके आ रहे हैं। तीसरी आंख ने देखा कि महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा को भी दिल्ली अरुण सिंह ने बुलाया था। संजीव शर्मा की भी मुलाकात हुई है। वहीं चर्चा ये भी है कि अरुण सिंह गाजियाबाद में चल रहे भाजपा के 16 अभियानों में से किसी एक अभियान में शिरकत भी कर सकते हैं। वहीं कल युग करवट ने लिखा था कि जनरल साहब ही चुनाव लड़ेंगे और ‘टाइगर आ गया’ इस खबर के प्रकाशित होने पर गाजियाबाद के लोगों में काफी उत्साह देखा गया है। लोगों का कहना है कि तीसरी बार भी उनका प्रतिनिधित्व जनरल वीके सिंह ही करें। बहरहाल, चुनावी मौसम है। नये-नये नाम भी आयेंगे, नये-नये लोग भी आएंगे। नई-नई चर्चाएं भी होंगी। क्योंकि अब राजनीति की तस्वीर पहले से बदल चुकी है। कब क्या हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। लेकिन टाइगर आ गया है ये कॉन्फिडेंस भी अपने आप में कई संकेत और संदेश दे रहा है। जय हिंद