प्रमुख संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। नगर निगम पर ठेकेदारों का करीब 360 करोड़ रुपये बकाया है। इसमें सबसे अधिक बकाया निर्माण विभाग पर है। इस विभाग पर कुल बकाया का करीब 42 प्रतिशत बकाया है। इसके अलावा उद्यान, हेल्थ, संपत्ति, जलकल, नजारत तथा स्ट्रीट लाईट विभाग पर बकाया है। ऐसे में नगर निगम का स्पष्टï कहना है कि उनके पास पैसे की कमी है। इस कारण इमेरजेंसी वर्क को छोड़ कोई भी नया विकास कार्य शुरू नहीं किया जाएगा।
निगम की माली हालत लंबे समय से खराब चल रही है। पिछले करीब दो वर्ष से ठेकेदारों का भुगतान काफी कम हो रहा है। दरअसल हर वर्ष करीब दो सौ करोड़ के लगभग रुपया अवस्थाना निधि का निगम को मिल जाता था। यह पैसा शहर में प्रॉपर्टी खरीद के दौरान स्टांप शुल्क का दो प्रतिशत विकास शुल्क के नाम पर लिया जाता है। शासन में नगर निगम का करीब साढ़े पांच सौ करोड़ रुपया बकाया है। यह पैसा मिलने की उम्मीद नहीं के बराबर है। नगर निगम के पास पैसे की कमी है। ऐसे में निगम प्रशासन ने स्पष्टï कर दिया कि नए विकास कार्य अब शहर में नहीं होंगे। वहीं दूसरी और नए नगर आयुक्त डॉ0 नितिन गौड़ के सामने एक रिपोर्ट पेश की गई है। जिसमें एकाउंट विभाग ने दावा किया सभी विभागों पर ठेकेदारों का 360 करोड़ रुपये बकाया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नगर निगम की आर्थिक स्थिति कितनी गंभीर हो चली है।