गाजियाबाद से कानपुर तक ग्रीनफील्ड इकोनॉमिक कोरिडोर को मंजूरी
युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। दिल्ली से मुरादाबाद हाइवे संख्या-9 हो या दिल्ली मेरठ एक्सपे्रस-वे, दोनों ही राजधानी के सार्थक यातायात के प्रमाण है। यह संकल्प केंद्रीय सडक़ परिवहन राज्यमंत्री व स्थानीय सांसद जनरल वीके सिंह की कोशिशों और भाजपा सरकार की दृढ़इच्छा शक्ति से ही पूरा हो पाया है। इसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के लगन और कार्यशैली भी है। केंद्रीय सडक़ परिवहन राज्यमंत्री वी के सिंह ने बताया कि उन्होंने एक सपना देखा था। यह सपना प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक का सरल, सुगम, जाममुक्त यातायात का था। अब यह सपना पूरा होता दिख रहा है। वीके सिंह के आग्रह पर गाजियाबाद से कानपुर तक ग्रीनफील्ड इकोनॉमिक कोरिडोर को मंजूरी मिल गई है। यह कॉरिडोर 380 किलोमीटर लंबा होगा और 2025 तक तैयार हो जाएगा। इसके बनने के बाद गाजियाबाद, हापुड़ और पश्चिम उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से से जुड़े लोगों को यमुना एक्सप्रेस-वे पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लखनऊ-कानपुर एक्सपे्रस-वे बनने के बाद दिल्ली से लखनऊ जाने के लिए लोगों को एक नया रास्ता मिलेगा।
जनरल वी के सिंह की सिफारिश पर हापुड़ से कानपुर तक नया कॉरिडोर बनाने की घोषणा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सितंबर 2019 में की थी। उन्होंने दिल्ली-मेरठ एक्सपे्रस-वे के तीसरे चरण के उदघाटन समारोह में इसका ऐलान किया था। इसके बाद बीते वर्ष दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के चौथे चरण के उदघाटन समारोह में हापुड़-कानपुर कॉरिडोर का काम जल्द शुरू करने की बात कही थी।
जनरल वीके सिंह ने बताया कि अब एनएचएआई ने 380 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट को गाजियाबाद-हापुड़-कानपुर-उन्नाव ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का नाम दिया है। इस कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण्ण आठ लेन के एक्सप्रेस-वे की तर्ज पर किया जाएगा। लेकिन शुरुआत में सिर्फ चार लेन की सडक़ का निर्माण किया जाएगा। हालांकि अंडरपास, फ्लाईओवर और सर्विस रोड का निर्माण छह लेन के ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की तर्ज पर ही किया जाएगा। यह कॉरिडोर लखनऊ से कानपुर के बीच बन रहे एक्सप्रेस-वे को उन्नाव ओर कानपुर के बीच कनेक्ट करेगा। जबकि गाजियाबाद और हापुड़ में मौजूदा मेरठ एक्सपे्रस-वे को कनेक्ट करेगा। वी के सिंह ने कहा कि यह कॉरिडोर मेरठ एक्सपे्रस-वे को दो जगह से कनेक्ट करते हुए बनाया जाएगा। पहले डासना मसूरी के आगे गाजियाबाद की सीमा से एनएच-9 से जोड़ते हुए निर्माण शुरू होगा। इसके बाद हापुड़ में बाईपास को कनेक्ट करते हुए बनाया जाएगा। आगे जाकर दोनों कनेक्टर एक जगह मिल जाएंगे। इससे फायदा यह होगा कि गाजियाबाद की ओर से आने वाले ट्रैफिक को कॉरिडोर पर चढऩे के लिए हापुड़ तक नहीं आना पड़ेगा। वह मसूरी के पास से सीधे कानपुर के लिए जा सकेंगे। मेरठ, हापुड़, अमरोहा की तरफ से आने वाले वाहन सीधे हापुड़ बाइपास से कॉरिडोर को पकडक़र कानपुर व लखनऊ जा सकेंगे।