युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। मास्टर प्लान 2031 के फाइनल होने से पहले ही विवाद हो गया। भाजपा पार्षद राजेन्द्र त्यागी ने मास्टर प्लान के ड्राफ्ट को लेकर जीडीए के नियोजन विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए इस प्रकरण में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर शिकायत की है। पत्र में पार्षद त्यागी ने बताया कि मास्टर प्लान 2031 को लेकर नियोजन विभाग के अधिकारियों पर सवाल खड़े किए। इस नए मास्टर प्लान को निजी विकासकर्ताओं को लाभ देने के लिए बनाया गया है। जिन लोगों द्वारा रिश्वत नहीं दी गई है उनकी भूमि का अनावश्यक रूप से भू-उपयोग अन्यय में समायोजित कर दिया। हाईटेक सिटी के मास्टर प्लान में भी आसपास के एरिया की जमीनों का भू-उपयोग आवासीय में किया गया है। इससे जीडीए को करोड़ों रुपये की आर्थिक चपत लगने की आशंका है। इंदिरापुरम क्षेत्र में कनावनी गांव के आसपास की भूमि का उपयोग 2021 में आवासीय था जिसे परिवर्तित कर ग्रीन कर दिया गया। इसी तरह से राजनगर एक्सटेंशन में नूरनगर में कृषि की जमीन का भूउपयोग बदलकर मास्टर प्लान 2031 में आवासीय कर दिया। बिल्डरों को लाभ पहुंचाने के लिए यह खेल किया गया। मास्टर प्लान लोनी में कई ऐसी जमीन का भूउपयोग आवासीय किया गया जहां मुख्य रास्ते पर आने के लिए सडक़ तक नहीं है। पार्षद त्यागी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि दुबारा से मास्टर प्लान 2031 बनाने की कार्रवाई की जाए। ताकी त्रुटि को दूर किया जाए।