युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। त्योहारों के दौरान लगातार पिछले पन्द्रह दिनों से शहर से कूड़ा नहीं उठ पा रहा है। शहर के डलावघर अब कूड़े से फुल हो चुके है। निगम कब से कूड़ा उठाएगा इसकी तारीख अधिकारी बताने को तैयार नहीं है। शहर में रोज करीब 1200 मीट्रिक टन कूड़ा घरों से निकालता है। इस कूड़े के निस्तारण के लिए निगम के पास केवल दो कूड़ा प्रोसेसिंग प्लांट है। जिनमें करीब 400 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण किया जाता है। शहर में शेष करीब 800 मीट्रिक टन कूड़ा डलावघरों में ही रोज पड़ा रहता है। इस कूड़े को अभी तक नगर निगम मोरटा के पास डाल रहा था। यहां काफी लोग लंबे समय से कूड़ा डालकर उसके निस्तारण की व्यवस्था कर रहा था। अब यहां लोगों ने विरोध किया। इसी विरोध के बाद विधायक ने भी यहां निगम को कूड़ा डालने से मना कर दिया। यह घटना करीब पन्द्रह दिन पुरानी है। निगम तब से शहर का कूड़ा नहीं उठा पा रहा है। जहां भी कूड़ा डालता है वहीं विरोध भी शुरू हो जाता है। निगम ने वैसे गांव शमशेरपुर के पास जमीन ली है। मगर वहां भी कूड़ा डालने का विरोध शुरू हो गया है। अब निगम छोटे डलावघर से कूड़ा उठाकर बड़े डलावघरों में कूड़ा डालकर स्थिति को थोड़ा नियंत्रित कर रहा है। शहर से कूड़ा कब तक पूरा उठेगा इस सवाल का उत्तर निगम के पास नहीं है।