युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। तीनों कृषि कानूनों की मांग को लेकर यूपी गेट सहित दिल्ली के बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन को आज छह महीने पूरे हो गए हैं। आंदोलन के छह माह पूरे होने पर किसानों ने आज काला दिवस मनाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार का पुतला जलाए जाने को लेकर किसानों और पुलिस के बीच पुतला छीनने को लेकर झड़प भी हुई। हालांकि, किसानों ने पुलिस से पुतला छीनकर उसे जलाया। इस दौरान काफी देर तक यूपी गेट पर हंगामे की स्थिति बनी रही। किसान दिल्ली की ओर कूच ना करें, इसके लिए बॉर्डर पर दिल्ली और यूपी दोनों साइड भारी पुलिस फोर्स भी तैनात की गई थी। पूर्व घोषणा के तहत किसानों ने आज दिल्ली के बॉर्डर सहित गांवों में जो जहां था, वहीं काला झंडा लगाकर काला दिवस मनाया। यूपी गेट पर काला दिवस को लेकर भारतीय किसान यूनियन के राष्टï्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने काली पगड़ी पहनकर विरोध जताया। भाकियू नेता ने कहा कि यह आंदोलन लंबा चलेगा। किसान पूरी तैयारी के साथ यहां डटा हुआ है। वह सरकार से अपनी बात मनवा कर रहेगा। सरकार अगर जबरदस्ती उन्हें यहां से हटाने का कार्य करेगी तो उसका जवाब दिया जाएगा लेकिन कृषि कानून वापस होने तक आंदोलन चलेगा, चाहे साल लग जाए। किसानों ने यूपी गेट पर प्रदर्शन के दौरान काले झंडे लहराए। टैंटों पर भी काल झंडे लगाए गए और फिर सरकार का पुतला जलाया। केंद्र सरकार का पुतला जलाने को लेकर पुलिस और किसानों के बीच जमकर झड़प हुई लेकिन पुलिस पुतला छीनने में कामयाब नहीं हो सकी जिस पर किसानों ने पुलिस से पुतला छीनकर उसे जलाया और सरकार विरोधी नारे लगाए। धरना स्थल पर भी किसान काले झंडे लेकर शामिल हुए। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार हर तरीके से आंदोलन को दबाने का प्रयास कर चुकी है। लेकिन किसान को कमजोर समझने की भूल सरकार ना करे। यह कोई राजनीतिक नहीं बल्कि किसानों का आंदोलन है जो तब तक समाप्त नहीं होगा तब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं होंगे और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून नहीं बनेगा। किसान नेताओं ने पूर्व में ही इसका ऐलान किया था कि बॉर्डर पर भीड़ नहीं जुटाई जाएगी। ऐसे में जो किसान जहां है, वहीं रहकर अपने घरों पर काले झंडे लगाएंगे व चौराहों पर तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके चलते हरसांव, सदरपुर, रहीसपुर आदि अन्य गांवों में किसानों ने काले झंडे लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।