युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। लखीमपुर खीरी की घटना के विरोध में संयुक्त मोर्चा के आह्वïान पर आज किसानों ने जिला मुख्यालय का घेराव किया। इस दौरान जिला मुख्यालय परिसर में घुसने को लेकर किसानों और पुलिस के बीच जमकर धक्कामुक्की हुई लेकिन किसान पुलिस बेरिकेटिंग को तोड़ते हुए डीएम कार्यालय के गेट पर धरने पर जाकर बैठ गए।
भारतीय किसान यूनियन के आह्वïान पर प्रदेश भर में आज किसान जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी क्रम में भारतीय किसान यूनियन के नेता राजवीर के नेतृत्व में किसान मुख्यालय पहुंचे। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए मुख्यालय में पुलिस फोर्स के साथ ही पीएसी की एक कंपनी भी तैनात की गई थी। एसपी सिटी निपुण अग्रवाल, सीओ अंशु जैन सहित पुलिस अधिकारियों ने किसानों को मुख्यालय परिसर के अंदर आने से रोकने का प्रयास किया। इसके लिए मुख्यालय के गेट पर बेरिकेटिंग लगाई गई थी। लेकिन किसानों ने कहा कि वह डीएम कार्यालय के गेट पर धरना देंगे और बेरिकेटिंग तोड़कर अंदर घुस गए। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की भी हुई लेकिन किसानों को रोकने में पुलिस विफल साबित हुई। किसान नेता राजवीर सिंह ने कहा कि किसानों का यह प्रदर्शन तब तक चलेगा, जब तक लखीमपुर खीरी की घटना के पीडि़तों को न्याय नहीं मिल जाता। यह सरकार किसानों को कुचलना चाहती है। ऐसी प्रदेश सरकार को तत्काल बर्खास्त किया जाए। किसानों को ५०-५० लाख का मुआवजा दिया जाए। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, इसको लेकर किसानों ने राष्टï्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन अम्बावत के अलावा सैंकड़ों की संख्या में किसान पहुंचे। किसानों ने मांगें पूरी होने तक मुख्यालय गेट से हटने से इंकार कर दिया। वहीं किसानों के समर्थन में सीपीएम के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन करने वालों में भाकियू किसान जयकुमार मलिक, शमशेर सिंह राणा, चंद्रपाल सिंह, राजकुमार सिंह, जयवीर, विजेंद्र सिंह, वेदपाल मुखिया, प्रवीन शर्मा, अशोक चौधरी, अमित कसाना, बब्लू बंसल, पीयूष चौधरी व प्रवीन शर्मा आदि मौजूद रहे।