नगर संवाददाता
गाजियाबाद। (युग करवट) भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के किसानों ने उत्तर प्रदेश को सूखाग्रस्त प्रदेश घोषित करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा है। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह ने कहा कि यूपी के अधिकतर जिलों में इस बार औसत सामान्य से भी कम बारिश हुई है, जिसकी वजह से किसानों के उत्पादन में भारी गिरावट होने वाली है। बारिश न होने के कारण किसान अपनी फसल लगा नहीं पाए और जिन्होंने फसल लगाई व बिना बारिश के कारण समाप्त हो गई। सूखे के कारण एक तिहाई फसल बीमारियां लगने के कारण नष्टï हो गईं। इसकी वजह से यूपी का किसान बेहद परेशान है। यूपी में इस बार किसानों के समक्ष बड़ा संकट है। किसानों ने पांच सूत्रीय ज्ञापन में मांग की है कि यूपी को सूखाग्रस्त प्रदेश घोषित किया जाए, किसानों पर सभी तरह की वसूली पर तत्काल प्रभाव से एक वर्ष के लिए रोक लगा दी जाए, वर्तमान के सभी तरह के कृष्णि ऋणों पर ब्याज माफ किया जाए, किसानों के बिजली बिल माफ किए जाएं और अगली फसल की बुवाई के लिए राहत के रूप में किसानों को एक हजार एकड़ जमीन के हिसाब से नि:शुल्क बीज उपलब्ध कराए जाएं। किसानों ने डीएम के माध्यम से सीएम योगी के नाम यह ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन देने वालों में मास्टर मनोज नागर, सतेन्द्र त्यागी, अनुज पंडित, दर्शन नेहरा, मनोज तेवतिया आदि मौजूद रहे।