लोकसभा चुनाव-२०२४
गाजियाबाद और गौतमबुद्घनगर के चाहे भाजपा के कार्यकर्ता या फिर कांगे्रस के कार्यकर्ता हों यदि अपने उम्मीदवार के लिए अपने क्षेत्र में रहकर मेहनत करते जैसे दूसरे लोकसभा क्षेत्र में कर रहे हैं तो शायद जीत का मार्जन और बढ़ जाता लेकिन ऐसा हो न सका। दोनों दलों के कार्यकर्ता जो आज लखनऊ, बनारस में दिखाई दे रहे हैं। वो कार्यकर्ता गाजियाबाद और गौतमबुद्घनगर में चाहे भाजपा के उम्मीदवार हों या फिर गठबंधन के उम्मीदवार हों उनके चुनाव में कहीं दिखाई नहीं दिये। स्थिति ये है कि नोएडा और गाजियाबाद के कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में रहते हुए भी चुनाव में कहीं दिखाई नहीं दिये। जिन पर जिम्मेदारियां थी या जो प्रत्याशी व्यक्तिगत तौर से जुड़े हुए थे वो लगे रहे बाकी लोग कहीं दिखाई नहीं दिये। अब जिस कार्यकर्ता या पदाधिकारी से चाहे वो भाजपा को चाहे वो कांगे्रस का हो तो पता करो तो जवाब आता है कि लखनऊ हैं कोई कहता बनारस हैं। इतना ही नहीं एक सप्ताह से ये लोग इन दोनों लोकसभा क्षेत्रों में लगे हुए हैं। अब ये अपने लोकसभा क्षेत्रों में क्यों नहीं लगे ये भी बड़ा सवाल है। क्या प्रत्याशी ने भाव नहीं दिया या फिर दोनों दलों के कार्यकर्ता टिकट चयन को लेकर नाराज थे। जो भी हो जितनी भीड़ गाजियाबाद और नोएडा के कार्यकर्ताओं की बनारस और लखनऊ में दिखाई दे रही है वो भीड़ यदि पूरी निष्ठा के साथ गाजियाबाद और नोएडा में लगती तो परिणाम बहुत अच्छे आते और जीत का मार्जन और बढ़ता। तीसरी आंख ने देखा कि लखनऊ में जरूर हर कार्यकर्ता दिल से जाता है। क्योंकि वहां चुनाव लडऩे वाले राजनाथ सिंह लोगों के दिलों में बसते हैं। यही कारण है कि नामांकन के बाद से ही गाजियाबाद के लोग लखनऊ चले जाते हैं और पूरी तरह से चुनाव में रहते हैं। वास्तव में रिश्ता निभाना तो राजनाथ सिंह और उनके परिवार से सीखना चाहिए। पांचवें चरण के लिए आज मतदान हो रहा है। लखनऊ में सुबह से ही राजनाथ सिंह परिवार के साथ मतदान कर चुके हैं और सभी से अधिक से अधिक मतदान करने की अपील कर रहे हैं। चेहरे पर कॉन्फिडेंस है इतना बड़ा कद होने के बाद भी सभी से बहुत ही विनम्रता के साथ मिल रहे हैं। इसीलिए राजनाथ सिंह राजनीति में सबसे अलग है और वो लोगों के दिलों पर अपने व्यवहार के कारण ही राज करते हैं। जय हिन्द