आयकर विभाग व प्रवर्तन निदेशालय भी मामले की जांच में जुटा
-सुरेश चौधरी-
नोएडा (युगकरवट)। काले धन के कुबेर की तलाश के लिए नोएडा पुलिस ने कई टीमें गठित की है। इस मामले की विधिवत सूचना सोमवार को गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने आयकर विभाग तथा ईडी को दी है। आयकर विभाग तथा प्रवर्तन निदेशालय भी इस मामले की जांच में जुट गया है। जांच के दौरान कई चैंकाने वाली बातें सामने आई है। आज पुलिस की एक टीम ने दिल्ली के हाईकोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट में जाकर इनके बारे में जानकारी हासिल कर रही है। इसके अलावा उन कंपनियों और शेयर मार्केट के लोगों से भी संपर्क किया जा रहा है, जो पिता पुत्र के जाल में फंस चुके हैं। ग्रेटर नोएडा स्थित पांडे परिवार के आलीशान बिला में कृष्लय की पत्नी मौजूद हैं। पुलिस तथा अन्य एजेंसियों ने उनसे भी पूछताछ की है। उनसे मिली हम जानकारी के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है ।
अपर पुलिस आयुक्त लव कुमार ने बताया कि ग्रेटर नोएडा स्थित सिल्वर सिटी सोसाइटी के एक फ्लैट से वर्ष 2020 के सितंबर माह में करोड़ों का काला धन तथा सोना चोरी हुआ था। संपत्ति के मालिक ने इस मामले में थाने में कोई शिकायत दर्ज नहीं की कराई है। उन्होंने बताया कि काला धन चोरी करने वाले 6 बदमाशों को थाना सेक्टर-39 पुलिस ने 11 जून को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि इस गैंग का सरगना गोपाल सहित चार लोग अभी फरार हैं। गिरफ्तार बदमाशों के पास से पुलिस ने करीब 14 किलो सोना तथा 57 लाख रुपए नगद व करोड़ों रुपए के संपत्ति के कागजात बरामद किया। उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान गिरफ्तार बदमाशों ने खुलासा किया कि जिस फ्लैट से उन्होंने करोड़ों की नगदी व सोना चोरी किया है वह राम मणि पांडे व कृष्लय पांडे नामक पिता-पुत्र का है। उन्होंने बताया कि इस घटना में शामिल गोपाल तथा उसके तीन अन्य साथी फरार हैं। गोपाल इस चोरी का मास्टरमाइंड है। पुलिस आयुक्त ने बताया कि काला धन चोरी करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी तथा काला धन रखने वाले लोगों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। जिसके आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पांडे परिवार के एक नजदीकी को हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ की है। उक्त व्यक्ति ने खुलासा किया है कि पांडे परिवार का नोएडा की विभिन्न सोसायटीयों में 25 से ज्यादा फ्लैट हैं। जबकि करोड़ों की कमर्शियल प्रॉपर्टी है। पुलिस को पता चला है कि पांडे परिवार ने सेक्टर 94 स्थित सुपरनोवा, ग्रेटर नोएडा स्थित जेपी ग्रीन, अम्रपाली सोसायटी तथा स्टेलर सोसाइटी में दर्जनों फ्लैट व कमर्शियल प्रॉपर्टी ले रखी है। इसके अलावा इन लोगों ने शेयर बाजार में भी मोटा निवेश किया है।
पुलिस को पूछताछ के दौरान पता चला है कि पांडे परिवार ने एक मीडिया पोर्टल भी लॉन्च कर रखा है। जिसके आधार पर ये लोग विभिन्न कंपनियों के खिलाफ खबर चलाते हैं, तथा बाद में पीआईएल डालकर कंपनियों से अवैध उगाही करते हैं। जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि इंडिया बुल कंपनी के साथ चल रहे मुकदमे में राम मणि पांडे हरियाणा के गुडग़ांव पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए थे। 11 महीने तक वह जेल में रहे। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने अपना मीडिया पोर्टल शुरू किया।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि किसलय पांडे तथा उसके पिता के खिलाफ आगरा के हरी पर्वत थाना में कुछ वकीलों ने वर्ष 2019 में मुकदमा दर्ज कराया है, उनका आरोप है कि पांडे ने बिना उनकी अनुमति के उनके नाम पर फर्जी तरीके से मोबाइल फोन का नंबर लेकर उनके नाम से दिल्ली में पीआईएल दाखिल की। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि पांडे पिता-पुत्र के खिलाफ उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, सहित कई जगहो पर मुकदमे दर्ज हैं। बताया जाता है कि सीबीआई ने 2 मामले मे पांडे परिवार से संबंधित घटना की जांच की है।

विदेश में नहीं, भारत में छिपे हैं काले धन के कुबेर
नोएडा(युग करवट)। काली कमाई के कुबेर पुलिस से बचने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। दोनों पिता-पुत्र के खिलाफ गुडग़ांव में के थाना औद्योगिक नगर में मुकदमा दर्ज है। पिता एक वर्ष पूर्व जेल गए थे, तथा 11 माह बाद जेल से जमानत पर बाहर आए हैं। जबकि बेटे की तलाश में गुडग़ांव पुलिस लगी है। इसी बीच नोएडा पुलिस ने उनके काले कारनामे का खुलासा कर दिया। अब नोएडा पुलिस पांडे पिता पुत्र के पीछे पड़ी है। पुलिस से बचने के लिए काले धन के कुबेर ने मीडिया जगत से जुड़े अपने कुछ मित्रों के माध्यम से यह खबर फैला दी, कि वह भारत में नहीं, अपितु विदेश में है। लेकिन जांच एजेंसियों को पुख्ता जानकारी मिली है कि पांडे पिता पुत्र भारत में ही है। वह एनसीआर में अपनी काली कमाई से बनाई गई गयी एक आलीशान कोठी में छुपे हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।
सूत्रों का दावा है कि पांडे परिवार में कई प्रशासनिक अफसर हैं। राम मणि पांडे के भाई उत्तर प्रदेश में वरिष्ठ आईएएस है, वह नोएडा में भी पहले तैनात रह चुके हैं। उनके एक भाई पुलिस विभाग के डीएसपी पद से रिटायर है। जबकि एक भाई की कानपुर में तैनाती के दौरान संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई थी। एक भाई की अभी कुछ समय पूर्व भी कोरोना काल में मौत हुई है। चर्चा है कि पांडे के जो भाई आईएस हैं उनके सगे साढू उत्तर प्रदेश पुलिस मे डीजीपी स्तर के अधिकारी रह चुके हैं, जबकि एक अधिकारी आईजी पद से रिटायर्ड है। सूत्रों का दावा है कि पांडे पिता-पुत्र को बचाने में उनके सारे नाते रिश्तेदार जुट गए हैं। पुलिस सूत्रों का दावा है कि पांडे परिवार का नेपाल से भी गहरा नाता है। वह भारत के रास्ते नेपाल भाग सकता है। इस बात को ध्यान में रखकर पुलिस ने नेपाल बॉर्डर पर अलर्ट जारी किया है, तथा उनके नाते रिश्तेदारो पर भी नजर रख रही है। सूत्रों का दावा है कि अगर इस मामले में गंभीरता से जांच कर की जाए तो ब्लैक मेलिंग, भ्रष्टाचार तथा अवैध उगाही का एक ऐसा गिरोह सामने आएगा जो भारत में भूचाल मचा देगा।