युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। देश भर में डॉक्टर्स पर हो रही हिंसक घटनाओं के विरोध में आज इंडिया मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर आईएमए गाजियाबाद के डॉक्टर्स ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। डॉक्टर्स ने अपने अस्पतालों में काली पट्टी व काले झंडे दिखाकर अपना विरोध जताया। हालांकि, कोरोना दौर के चलते अस्पताल सेवाएं पूरी तरह से बहाल रहीं और डॉक्टर्स ने प्रतीकात्मक विरोध किया।
आईएमए अध्यक्ष डॉ.आशीष अग्रवाल ने कहा कि डॉक्टर्स के खिलाफ देश भर में हिंसक घटनाएं हो रही हैं। कई मामलों में डॉक्टर्स को इतनी बुरी तरह से मारा पीटा गया कि उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। जबकि कोरोना के संकट में डॉक्टर्स अपनी जान दांव पर लगाकर कार्य कर रहे हैं जिसकी वजह से संक्रमण के इस दौर में ७२४ डॉक्टर्स अपनी जान गवां चुके हैं। बावजूद इसके डॉक्टर्स कोरोना संक्रमित मरीजों की सेवा में जुटे हुए हैं। आईएमए यूपी स्टेट के सचिव डॉ.राजीव गोयल ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के जरिए मांग रखी गई है कि डॉक्टर्स को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जाए। अस्पताल और हेल्थकेयर प्रोफेशन्लस सुरक्षा अधिनियम में आईपीसी की धारा और आपराधिक गतिविधि संहिता को शामिल किया जाए। दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रेक कोर्ट में सुनवाई की जाए।
डॉक्टर्स ने कहा कि डॉक्टर हर संभव मरीजों को बचाने का प्रयास करते हैं लेकिन फिर भी कई बार परिस्थितियां ऐसी हो जाती हैं कि मरीज की जान नहीं बच पाती लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इसके लिए डॉक्टर दोषी है। इन घटनाओं के विरोध में आईएमए गाजियाबाद के डॉक्टर्स ने पहले आईएमए भवन राजनगर में काली पट्टी-बैनर लेकर विरोध प्रदर्शन किया और उसके बाद सिटी मजिस्टे्रट के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री और ग्रहमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसके उपरांत यूपीआईएमए और आईएमए गाजियाबाद के पदाधिकारियों ने राज्य स्वास्थ्य मंत्री अतुल गर्ग से उनके आवास पर मुलाकात कर उन्हें डॉक्टर्स की समस्याओं से अवगत कराते हुए ज्ञापन सौंपा। इस दौरान डॉ.वीबी जिंदल, डॉ.वानी पुरी, डॉ.सुभाष अग्रवाल, डॉ.आरके पोद्दार व डॉ.राजीव गोयल आदि डॉक्टर्स मौजूद रहे।