नोएडा (युगकरवट)। थाना सेक्टर 39 पुलिस द्वारा 11 जून को 6 चोरों को गिरफ्तार कर बरामद किए गए करोड़ों रुपए का सोना व काला धन के मामले में नित दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। बताया जाता है कि काले धन के कुबेर पांडे पिता- पुत्र से सताए उनके यहां काम करने वाले दो कार चालकों ने उनको सबक सिखाने के लिए उनके विभिन्न ठिकानों पर आयकर विभाग से छापेमारी करवा कर मोटी रकम इनाम में हासिल करने की योजना बनाई थी इसके लिए लोनी के रहने वाले गोपाल से संपर्क किया था। गोपाल ने दोनों को बताया कि उसकी बात अफसरों से हो गई है तथा जल्द ही पांडे परिवार के ठिकाने पर छापा पड़ेगा। इसी बीच गोपाल ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राममणि पांडे परिवार के यहां करीब 6 साल से प्रदीप नामक कार चालक काम कर रहा था, जबकि एक अन्य चालक अनिल भी उनके यहां पर कार चलाता था। गुडग़ांव पुलिस ने जब राम मणि पांडे को गिरफ्तार किया, उसे कुछ समय पूर्व उनका बेटा किसलय भूमिगत हो गया। कार चालक अनिल ने बुरे वक्त में उनका साथ दिया, तथा जब वह गुडग़ांव जेल में थे, तो उनका सामान आदि पहुंचाने का काम करता था। पांडे के जेल जाने के बाद अनिल को कई माह का वेतन नहीं मिला। इस बात से वह परेशान था। वही दूसरा चालक प्रदीप भी पांडे की पत्नी के व्यवहार से नाखुश था। दोनों ने मिलकर योजना बनाएगी पांडे की विभिन्न जगहों पर रखी काली कमाई के बारे में, सरकारी विभाग के किसी अधिकारी को सूचना देकर वहां पर छापा पड़वाया जाए। इनकी मुलाकात लोनी के रहने वाले तथा कथित प्रभावशाली व्यक्ति गोपाल गुर्जर से हुई। गोपाल गुर्जर ने अपने आप को भाजपा के कई बड़े नेताओं के नजदीक बताया, तथा उसने कहा कि वह पांडे परिवार के यहां आयकर तथा अन्य विभागों से बात करके छापा डलवाएगा।
उसने दोनों कार चालकों से कहा कि वह उस फ्लैट का पता बता दें, जिसमें काला धन रखा है। कार चालकों ने उसे बताया कि ग्रेटर नोएडा के जगत फार्म में बुटीक चलाने वाली आरती नामक महिला से पांडे की पत्नी की गहरी दोस्ती है। वह पांडे की पत्नी की राजदार है। कार चालकों के अनुसार सिल्वर सिटी के जिस फ्लैट में काला धन रखा गया था, वहां पर किसी को जाने की इजाजत नहीं थी। पांडे परिवार के एक करीबी योग गुरु जिन पर पांडे की पत्नी बहुत विश्वास करती थी, तथा कई बार उनके घर पर भी जाकर रहती थी, उनको ही फ्लैट के बारे में पता था। जिस फ्लाइट में चोरी हुई थी उस फ्लैट को योग गुरु ने ही पांडे परिवार को किराए पर दिलवाया था। उक्त फ्लैट के बारे में ब्यूटीक चलाने वाली आरती को जानकारी थी। गोपाल ने षड्यंत्र के तहत आरती से संपर्क किया, तथा फ्लैट का पता लगाया। अपने दोस्तों के साथ मिलकर सितंबर माह में करोड़ों की चोरी को अंजाम दे दिया।
सूत्र बताते हैं कि पांडे परिवार का एक करीबी योग गुरु उनकी काली कमाई के बारे में विस्तृत जानकारी रखता है। पुलिस उससे भी पूछताछ करने का प्रयास कर रही है। सूत्र बताते हैं कि पांडे की पत्नी के तथा योग गुरु के काफी घनिष्ठ संबंध हैं। पुलिस का सारा ध्यान इस घटना के मास्टरमाइंड गोपाल के इर्द-गिर्द है। पुलिस अधिकारी उसकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि कुछ राजनेताओं का उसे संरक्षण प्राप्त है। जिसकी वजह से उसकी गिरफ्तारी में पुलिस को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले की जांच के लिए पुलिस अफसरों ने आधा दर्जन टीमें बनाई है। आयकर विभाग व प्रवर्तन निदेशालय भी इस मामले की जांच में जुट गया है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि पांडे पिता पुत्र गनर लेकर चलते थे। पांडे के परिवार में कई अधिकारी हैं, जिसके प्रभाव से वह जांच को प्रभावित करने का प्रयास कर रहा है। पुलिस को शक है कि इन्हीं अफसरों ने राममणि पांडे को कहीं पर आश्रय दिया है।
पुलिस सूत्रों का दावा है कि राम मणि पांडे भारत में ही है, जब राम मणि पांडे जेल गया था, उससे पहले किसलय कथित रूप से विदेश चला गया था। उसकी पत्नी भी विदेश गई थीं। अभी हाल ही में वह लौट कर आई है। पुलिस ने किसलय की पत्नी से भी पूछताछ की है। पुलिस ने इस बात की जांच शुरू कर दी है, कि क्या वह वास्तव में विदेश में है। पुलिस अधिकारियों कहना है कि अगर वह वास्तव में विदेश में है, तो उचित माध्यम से उसे देश लाने का प्रयास किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले का खुलासा तभी संभव है जब या तो गोपाल पकड़ा जाए या पांडे पिता पुत्र में किसी की गिरफ्तारी हो।