प्रमुख संवाददाता
गाजियाबाद(युग करवट)। थाना कविनगर क्षेत्र के शास्त्रीनगर में स्वयंसेवकों के पथ संचालन के दौरान जो कुछ भी हुआ वह ठीक नहीं हुआ। दोनों पक्षों को बैठाकर बात की जा सकती थी, लेकिन पुलिस ने भी आनन-फानन में अपने आपको बचाने के चक्कर में मुकदमेबाजी शुरु करा दी। इस मुकदमेबाजी से दो पक्षों के बीच मन-मुटाव पैदा हो गया है। यदि पुलिस चाहती तो आपस में बैठकर समझौता कराया जा सकता था, लेकिन ऐसा हुआ नहीं और प्राइवेट अस्पताल के मेडिकल पर ही एक पक्ष के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदर्मा दर्ज कर लिया गया और दूसरे पक्ष की तहरीर पर संघ और भाजपा नेताओं के खिलाफ मुकदमा लिख लिया गया। उन पर भी संगीन धाराओं में मुकदमा लिखा गया है। यह मुकदमा भाजपा के बड़े नेताओं की मौजूदगी के बाद भी लिखा गया।
दरअसल इस मामले को लेकर भाजपा के कुछ नेता एवं रालोद के कुछ नेता गंभीर नहीं थे, लेकिन इस बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता मयंक गोयल अपने कार्यकर्ताओं के उत्पीडऩ की खबर पाकर कविनगर थाने पहुंचे। उन्होंने जिस तरह से विरोध दर्ज कराया उसके बाद ही पुलिस ने कार्रवाई की।
दरअसल मयंक गोयल की माताश्री स्व. श्रीमती दमयंती गोयल जब मेयर थीं उस समय किसी भी कार्यकर्ता का उत्पीडऩ होता था तो वह अपना प्रोटोकॉल भूलकर उसके साथ खड़ी हो जाती थीं। भाजपा के एक नेता रघुवीर बिच्छल की हत्या हुई तो दमयंती गोयल यशोदा अस्पताल में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गई थीं। कई और मामले भी ऐसे सामने आए थे, जिसमें दमयंती गोयल कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी दिखाई दी थीं। अब उनके पुत्र मयंक गोयल के अंदर भी यही जज्बा है।
रविवार को जब उन्हे पता चला कि संघ स्वयंसेवकों के साथ घटना हो गई है तो वह खुद को रोक नहीं सके और तत्काल कविनगर थाने पहुंचे। उसके बाद लोगों ने उनका जो गुस्सा देखा उसको देखकर सभी ने कहा कि नेता हो तो ऐसा। हालांकि कुछ लोगों द्वारा बताया गया कि उन्होंने समाज के बारे में कोई बात की है जबकि इसकी कोई पुष्टिï नहीं हुई है। मयंक गोयल सभी समाज और धर्म की इज्जत करते हैं और कभी भी किसी समाज के बारे में उन्होंने कोई अभद्र टिप्पणी नहीं की है। इसी वजह से उनका सर्वसमाज में अच्छा संपर्क है। कुछ लोग राजनीति के चलते एक माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। रालोद की महानगर अध्यक्ष रेखा चौधरी ने बताया कि उनके सामने ऐसी कोई बात नहीं कही गई है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके सामने उनके समाज के बारे में कोई कुछ बोलता तो वह जरूर जवाब देतीं।
बहरहाल स्वयंसेवकों के खिलाफ मुकदमा लिखने के बाद अब संघ की ओर से यही कहा जा रहा है कि भाजपा नेताओं की मौजूदगी में मुकदमा दर्ज हो गया, इससे ज्यादा और क्या हो सकता है। क्योंकि, मुकदमे में संघ के कई पदाधिकारी भी आरोपी बनाए गए हैं।