नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। कारगिल युद्घ के दौरान देश पर जान न्यौछावर करने वाले जवानों के परिजनों को आज जिला मुख्यालय में एक कार्यक्रम के तहत सम्मानित किया गया। जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास विभाग द्वारा जिला सभागार में कारगिल विजय दिवस की २३वीं वर्षगांठ के अवसर पर कारगिल शहीद एवं वीरता पुरस्कार सम्मान का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष व राज्यमंत्री कैप्टन विकास गुप्ता ने सबसे पहले शहीद जवानों की तस्वीरों पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया।
इस अवसर पर कैप्टन विकास गुप्ता ने कहा कि देश की सुरक्षा और अस्मिता की लाज रखने के लिए जिन जवानों ने अपनी जान गंवाई हैं यह देश कभी उनका कर्ज नहीं उतार पाएगा। इस देश में लोग चैन और अमन से तभी रह पाते हैं जब देश का वीर जवान सीमा पर २४ घंटे डटा रहता है। किसी भी मौसम और तकलीफ से वह नहीं डरता लेकिन अगर दुश्मन देश की ओर आंख उठाए तो वह इसका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तत्पर रहता है। कारगिल युद्घ में देश के जवानों ने फिर दिखा दिया था कि जब भी देश पर कोई संकट आएगा देश का जवान सबसे पहले खड़ा मिलेगा। यह युद्घ में हमारे सैंकडों जवानों ने शहादत दी है। इनका कर्ज तो कभी नहीं उतर पाएगा लेकिन उन्हें याद करना हर देशवासी का फर्ज है। इस दौरान कारगिल युद्घ में शहादत देने वाले आश्रित परिवार राजकुमारी पत्नी शहीद नायक ओमप्रकाश, शकुंतला देवी पत्नी शहीद नायक चमन सिंह,चम्पा देवी माता शहीद सुरेन्द्रपाल, सेना के सर्वोच्च पदक विजेता इन्दु कसाना पत्नी शहीद ब्रिगेडियर अमरिन्द्र सिंह कसाना, वीर चक्र विजेता कैप्टन जसविन्दर सिंह के माता-पिता को शॉल ओढ़ाकर व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीडीओ विक्रमादित्य सिंह मलिक ने की। इस दौरान एडीएम प्रशासन रितु सुहास, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कैप्टन राकेश शुक्ला, कर्नल टीपी सिंह, कर्नल टीपी त्यागी, वीनू चौधरी आदि मौजूद रहे।